Vas Infrastructure Ltd ने अपनी 30वीं कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) बैठक पूरी कर ली है। अब कंपनी 'रिक्वेस्ट फॉर रिजॉल्यूशन प्लान' (RFRP) को लेकर आगे बढ़ रही है, जिस पर फिलहाल ई-वोटिंग जारी है।
CIRP प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार
Vas Infrastructure Ltd ने एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि 5 नवंबर, 2026 को कंपनी की 30वीं कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की बैठक संपन्न हुई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा 'रिक्वेस्ट फॉर रिजॉल्यूशन प्लान' (RFRP) को जारी करना था। रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) ने आगामी बोलियों के मूल्यांकन के लिए बनाए गए 'इवैल्यूएशन मैट्रिक्स' और RFRP की शर्तों को क्रेडिटर्स के सामने रखा है। फिलहाल, इन प्रस्तावों पर क्रेडिटर्स की ई-वोटिंग चल रही है।
इस कदम का क्या है महत्व?
कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत RFRP जारी करना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यह संभावित निवेशकों या रिजॉल्यूशन आवेदकों के लिए एक औपचारिक निमंत्रण होता है ताकि वे कंपनी को उबारने के लिए अपनी योजनाएं पेश कर सकें। इस कदम के जरिए कंपनी अपने कर्ज के निपटारे और व्यापार को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या है स्थिति?
फिलहाल शेयरधारकों को इंतजार करने की सलाह है क्योंकि ई-वोटिंग की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है। RFRP को मंजूरी मिलने के बाद ही नई बोली लगाने वाले निवेशक कंपनी की फाइनेंशियल्स की जांच कर सकेंगे और अपनी बाइंडिंग बिड्स जमा करेंगे। ध्यान रहे कि इक्विटी की वैल्यू पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि कोई ठोस रिजॉल्यूशन प्लान मिलता है या नहीं और उसे CoC और NCLT की मंजूरी मिलती है या नहीं।
जोखिम और सतर्कता
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि दिवालिया प्रक्रिया काफी अनिश्चित होती है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि RFRP जारी होने से कोई सफल बिड प्राप्त हो ही जाएगी, या वह मौजूदा शेयरधारकों के लिए वैल्यू बचा पाएगी। साथ ही, कानूनी देरी के कारण इस पूरी प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है। अगले अपडेट्स के लिए कंपनी की ओर से आने वाली एक्सचेंज फाइलिंग पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
