Varvee Global Ltd ने सितंबर तिमाही के लिए **₹6.79 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले एक बड़ी रिकवरी है। कंपनी ने अब पूरी तरह से मैन्युफैक्चरिंग को बंद कर अपना फोकस सर्विस और ट्रेडिंग पर शिफ्ट कर लिया है।
मुनाफे में वापसी और रेवेन्यू का गणित
सितंबर 2026 की तिमाही के लिए कंपनी ने ₹19.61 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है। पिछली तिमाही (जून 2026) में कंपनी को ₹6.56 करोड़ का घाटा हुआ था, जिससे उबरकर ₹6.79 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाना निवेशकों के लिए एक राहत भरी खबर है। हालांकि, सालाना आधार पर देखें तो पिछले साल की समान तिमाही के ₹10.21 करोड़ के प्रॉफिट के मुकाबले यह आंकड़े नीचे आए हैं।
अब क्या है कंपनी का बिजनेस मॉडल?
कंपनी ने आधिकारिक तौर पर फिनिश्ड गुड्स के प्रोडक्शन से बाहर निकलने का ऐलान कर दिया है। अब Varvee Global का पूरा जोर जॉब वर्क, ट्रेडिंग, लीजिंग (Leasing) और डिजिटल मार्केटिंग सर्विसेज पर होगा। शेयरधारकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये नई सर्विस आधारित स्ट्रीम्स, पुरानी डेनिम मैन्युफैक्चरिंग के स्केल को टक्कर दे पाएंगी।
नई राह और चुनौतियां
पूर्व में 'Aarvee Denims and Exports Ltd' के नाम से पहचानी जाने वाली यह कंपनी अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। कंपनी ने जुलाई 2026 में एक नई सब्सिडियरी Varvee Energy Private Limited बनाई है, लेकिन बैंकिंग तकनीकी दिक्कतों के कारण पूंजी डालने का काम अभी पेंडिंग है।
वहीं, ऑडिटर्स ने MAT क्रेडिट के रूप में ₹5.90 करोड़ और रेंटल इनकम की अकाउंटिंग पर 'Emphasis of Matter' यानी विशेष टिप्पणी जारी की है। भविष्य की स्थिरता के लिए अब निवेशकों की नजर कंपनी के नई सब्सिडियरी के कामकाज और इन नए बिजनेस वर्टिकल्स की परफॉर्मेंस पर टिकी रहेगी।
