Value Industries: दिवालिया प्रक्रिया में फंसी कंपनी ने तोड़ी डेडलाइन, Q2 नतीजे टले

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Value Industries: दिवालिया प्रक्रिया में फंसी कंपनी ने तोड़ी डेडलाइन, Q2 नतीजे टले

Value Industries Ltd ने 14 नवंबर, 2026 की डेडलाइन मिस कर दी है और कंपनी सितंबर 2026 तिमाही के नतीजे पेश करने में विफल रही है। कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी के दौर से गुजर रही यह कंपनी **2024** से लंबित कई तिमाहियों के फाइनेंशियल रिजल्ट्स को सुलझाने में जुटी है।

भारी बैकलॉग की वजह से देरी

कंपनी ने साफ किया है कि सितंबर 2026 की तिमाही के नतीजों को तैयार करना अभी मुमकिन नहीं है, क्योंकि उसे जून 2024 से जून 2026 तक की 9 लगातार तिमाहियों के फाइनेंशियल रिजल्ट्स को पहले फाइनलाइज करना है। यह बड़ा अकाउंटिंग बैकलॉग ही रिपोर्टिंग में देरी की मुख्य वजह है।

क्यों बढ़ी निवेशकों की चिंता?

समय पर फाइनेंशियल अपडेट न मिलने से निवेशकों के लिए कंपनी की मौजूदा फाइनेंशियल हेल्थ और ऑपरेशनल स्टेटस को समझना नामुमकिन हो गया है। कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दौरान इस तरह की देरी कंपनी की अनिश्चितताओं को और बढ़ाती है।

बैकग्राउंड और कानूनी पेच

Value Industries 5 सितंबर, 2018 से NCLT मुंबई के आदेश के बाद CIRP के अधीन है। यह कंपनी Videocon Group की उन 13 कंपनियों में शामिल है जो एक कंसोलिडेटेड इनसॉल्वेंसी केस का हिस्सा हैं। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट और NCLAT में चल रहे कानूनी विवादों के कारण कंपनी की सामान्य रिपोर्टिंग प्रक्रिया बाधित है।

अब क्या होगा?

कंपनी के मैनेजमेंट और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शक्तियां अभी भी निलंबित हैं और पूरा कंट्रोल रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (Resolution Professional) अभिजीत गुहाठाकुरता के हाथ में है। हालांकि, बकाया खातों के ऑडिट के लिए कंपनी ने 1 अप्रैल, 2024 से 5 साल के कार्यकाल के लिए GAMP & Co. को स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है। भविष्य में नतीजे कब तक आएंगे, यह सुप्रीम कोर्ट और NCLAT की कार्यवाही के नतीजों पर निर्भर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.