VMS Industries: मुनाफे में **78%** की भारी गिरावट, निवेशकों के हाथ से फिसला डिविडेंड

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
VMS Industries: मुनाफे में **78%** की भारी गिरावट, निवेशकों के हाथ से फिसला डिविडेंड

VMS Industries के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी के रेवेन्यू में **45%** और नेट प्रॉफिट में **78%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते बोर्ड ने वर्किंग कैपिटल बचाने के लिए इस साल कोई भी डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल

कंपनी ने जो सालाना रिपोर्ट पेश की है, उसमें ऑपरेशनल दबाव साफ झलक रहा है। साल-दर-साल (YoY) आधार पर रेवेन्यू 45.45% घटकर ₹157.43 करोड़ पर आ गया है, जबकि नेट प्रॉफिट 78.53% की भारी गिरावट के साथ सिर्फ ₹1.46 करोड़ रह गया है। पिछले साल यह मुनाफा ₹6.80 करोड़ के स्तर पर था।

डिविडेंड पर क्यों लगी रोक?

मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि कंपनी को इस वक्त अपनी लिक्विडिटी और वर्किंग कैपिटल को सुरक्षित रखने की जरूरत है, इसलिए शेयरधारकों को डिविडेंड नहीं दिया जाएगा। आगामी 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी Aditya Ultra Steel Limited और VMS TMT Limited के साथ बड़े ट्रांजेक्शन को मंजूरी देने पर चर्चा करेगी, जिनकी सीमा ₹100 करोड़ तय की गई है।

बोर्ड में बड़े फेरबदल

कंपनी के मैनेजमेंट में भी बदलाव देखने को मिले हैं। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर मिस्टर मुरारी अग्रवाल ने जुलाई 2025 में इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद सितंबर 2025 में सुश्री ध्वनि नागर को बोर्ड में शामिल किया गया। साथ ही, अब मिस्टर वरुण मनोज कुमार जैन को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियुक्त करने पर मुहर लगेगी। अच्छी खबर यह है कि स्टेट्यूटरी ऑडिट में कोई भी प्रतिकूल टिप्पणी नहीं मिली है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.