Ushdev International की लिक्विडेशन प्रक्रिया जारी है। कंपनी ने दो राउंड की नीलामी पूरी कर ली है, जिसमें विंड टर्बाइन्स और प्रॉपर्टीज बेची गई हैं। लिक्विडेटर CA Trupalkumar Patel अब बाकी संपत्तियों को बेचने की तैयारी कर रहे हैं।
लिक्विडेशन का क्या है स्टेटस?
Ushdev International की लिक्विडेशन प्रक्रिया अब लिक्विडेटर CA Trupalkumar Patel की निगरानी में आगे बढ़ रही है। यह प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2025 के NCLT ऑर्डर के तहत हो रही है, जिसकी आधिकारिक शुरुआत जुलाई 2026 में हुई थी। कंपनी अब तक 2 राउंड की सफल पब्लिक नीलामी पूरी कर चुकी है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
भले ही कंपनी अपनी संपत्तियों (जैसे विंड टर्बाइन्स और प्रॉपर्टीज) को बेचने में सफल रही है, लेकिन रिटेल निवेशकों के लिए यह एक 'एंड-ऑफ-द-रोड' जैसा इवेंट है। Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) के 'वॉटरफॉल मैकेनिज्म' के तहत, एसेट बेचने से जो पैसा आता है, वह सबसे पहले कर्जदाताओं, कर्मचारियों और अन्य प्राथमिकता वाले दावेदारों को दिया जाता है। इक्विटी शेयरधारकों का नंबर सबसे अंत में आता है, जिसका मतलब है कि निवेशकों के हाथ में कुछ भी बचने की उम्मीद न के बराबर है।
आगे क्या होगा?
लिक्विडेटर ने भविष्य में और भी नीलामी राउंड्स की योजना बनाई है। अब फोकस कंपनी की बची हुई अचल संपत्तियों (Immovable Properties) और अन्य वित्तीय प्रतिभूतियों को बेचने पर है। चूंकि कंपनी का अस्तित्व खत्म होने की प्रक्रिया में है, इसलिए कोई भी ऑपरेशनल अपडेट आने की गुंजाइश नहीं है। निवेशकों को सलाह है कि वे लिक्विडेटर द्वारा जारी किए जाने वाले भविष्य के डिस्क्लोजर पर नजर रखें, ताकि उन्हें पता चल सके कि क्या कोई सरप्लस राशि बची है, हालांकि इसकी संभावना नगण्य है।
