Urja Global ने Q2 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा पिछले साल के **₹0.42 करोड़** से बढ़कर **₹1.09 करोड़** हो गया है, लेकिन ऑडिटर्स की रिपोर्ट में कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
मुनाफे के पीछे का सच
कंपनी की रेवेन्यू में भी इजाफा हुआ है, जो पिछले साल के ₹15.50 करोड़ से बढ़कर ₹20.06 करोड़ पर पहुंच गया है। नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने मैनेजमेंट में भी बड़े बदलाव किए हैं। अब सुनील कुमार सिंह CEO और विपुल जैन CFO के तौर पर कंपनी की कमान संभालेंगे।
ऑडिटर्स ने उठाई उंगलियां
मुनाफे की चमक के बीच, कंपनी के स्टैच्युअरी ऑडिटर्स ने इंटरनल कंट्रोल्स पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि माइनिंग प्रोजेक्ट्स में किए गए ₹4.64 करोड़ के निवेश के लिए कोई दस्तावेजी सबूत मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा, प्रमोटर कंपनी को दिए गए ₹28.81 करोड़ के लोन पर ब्याज की एंट्री भी गायब है, जो कंपनी की ट्रांसपेरेंसी पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
टैक्स और रेगुलेटरी मुसीबतें
कंपनी के लिए सबसे बड़ा खतरा ₹44 करोड़ से ज्यादा का टैक्स डिमांड है, जो फाइनेंशियल ईयर 2018-19 से 2020-21 के बीच का है। साथ ही, SEBI द्वारा डिस्क्लोजर में खामियों के चलते ₹90 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।
निवेशकों के लिए सलाह है कि कंपनी की टैक्स लायबिलिटी और ऑडिटर्स द्वारा जताई गई आपत्तियों पर पैनी नजर रखें। कंपनी की एसेट्स की सत्यता को लेकर ऑडिटर्स का संशय शेयरहोल्डर्स के लिए लॉन्ग टर्म रिस्क बढ़ा सकता है।
