United Spirits Limited को Directorate of Revenue Intelligence (DRI) से सीजर मेमो मिले हैं, जिसमें **₹6.45 करोड़** का माल शामिल है। यह विवाद कस्टम टैरिफ क्लासिफिकेशन से जुड़ा है, लेकिन कंपनी ने साफ किया है कि ऑपरेशन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।
DRI की कार्रवाई से जुड़ी अपडेट
Directorate of Revenue Intelligence (DRI) ने ₹6.45 करोड़ के सामान के लिए सीजर मेमो जारी किए हैं। यह मामला 16 अक्टूबर 2026 को कंपनी के परिसर में हुई छापेमारी के बाद सामने आया है। कंपनी को इसके औपचारिक मेमो 30 अक्टूबर और 4 नवंबर 2026 को प्राप्त हुए थे।
क्यों फंसा है विवाद?
यह पूरा मामला 'कस्टम टैरिफ क्लासिफिकेशन' को लेकर है, जो भारत और यूके के बीच हुए Free Trade Agreement (FTA) के तहत प्रिफरेंशियल ट्रीटमेंट से जुड़ा है। यह केवल एक कंपनी का नहीं, बल्कि पूरे इंडस्ट्री का मुद्दा है, जिसे लेकर संबंधित इंडस्ट्री एसोसिएशन Ministry of Commerce के साथ बातचीत कर रहे हैं।
कंपनी का पक्ष और रिस्क
United Spirits के मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी पूरी तरह से जांच में सहयोग कर रही है और वे माल को प्रोविजनल तौर पर रिलीज कराने की प्रक्रिया में हैं। फिलहाल, कंपनी के सप्लाय चेन या मैन्युफैक्चरिंग पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान देना होगा कि क्या आगे चलकर किसी तरह की पेनल्टी या इंपोर्ट कॉस्ट में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलता है या नहीं।
