USG Tech Solutions की FY26 की सालाना रिपोर्ट से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू जीरो रहा है, जबकि गवर्नेंस के मोर्चे पर भी गंभीर खामियां पाई गई हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और गवर्नेंस का संकट
USG Tech Solutions ने अपनी 27वीं सालाना रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कंपनी के कामकाज को लेकर कई बड़े रेड फ्लैग्स सामने आए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन लॉस ₹16.87 लाख रहा है, जबकि कंसोलिडेटेड लॉस ₹37.02 लाख तक पहुंच गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पूरी तरह से जीरो रहा है।
बोर्ड और मैनेजमेंट में गड़बड़ी
कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, दो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स—मिस्टर वेणु गोपाल रेड्डी और मिस्टर आशीष गुप्ता—को अयोग्य (Ineligible) पाया गया है, क्योंकि वे IICA डेटा बैंक में रजिस्टर होने और अनिवार्य टेस्ट पास करने में विफल रहे। इस वजह से कंपनी का बोर्ड और ऑडिट कमिटी SEBI के मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसके अलावा, CFO और कंपनी सेक्रेटरी के अहम पद 3 महीने से भी ज्यादा समय से खाली हैं।
इनसॉल्वेंसी और एसेट वेरिफिकेशन का रिस्क
निवेशकों के लिए दो बड़े खतरे मंडरा रहे हैं:
- इंसॉल्वेंसी का खतरा: कंपनी पर IKF Technology के अनसिक्योर्ड लोन हैं, जो खुद इस समय इनसॉल्वेंसी कार्यवाही का सामना कर रही है। इससे कंपनी की रिकवरी पर अनिश्चितता बनी हुई है।
- ऑडिटर को शक: स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स ₹6.85 करोड़ के एसेट्स और रिसीवेबल्स को वेरिफाई नहीं कर पाए हैं।
मैनेजमेंट अब AI, रोबोटिक्स और हाइड्रोजन फ्यूल जैसे सेक्टर्स में उतरकर कारोबार को पटरी पर लाने की बात कर रही है, लेकिन मौजूदा हालात में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
