UPL Ltd में गवर्नेंस के मोर्चे पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कंपनी ने अपने स्टेट्यूटरी ऑडिटर को बदलने का फैसला लिया है और इसके साथ ही नए बोर्ड डायरेक्टर और प्रेसिडेंट की नियुक्ति की है।
ऑडिटर में बदलाव का रोडमैप
UPL Ltd ने एक व्यवस्थित ट्रांजिशन प्लान तैयार किया है। कंपनी के वर्तमान स्टेट्यूटरी ऑडिटर, B S R & Co. LLP, 2027 में होने वाली 43वीं AGM तक अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। इसके बाद ऑडिट कमिटी की सिफारिश पर S R B C & CO LLP को अगले 5 साल के लिए नया ऑडिटर नियुक्त किया जाएगा, जो 2032 की 48वीं AGM तक अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बदलाव के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिलना अभी बाकी है।
लीडरशिप में नया जोश
कंपनी ने अपने बोर्ड और मैनेजमेंट स्तर को मजबूत करने के लिए दो बड़ी नियुक्तियां की हैं:
- सत्यमन्यु श्रीवास्तव (Shatmanyu Shrivastava): LIC के पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव, जिनके पास फाइनेंस और रिस्क मैनेजमेंट में 36 साल का लंबा अनुभव है, उन्हें 2 नवंबर 2026 से नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में शामिल किया गया है।
- समीर टंडन (Sameer Tandon): अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कंपनी ने समीर टंडन को APAC, अफ्रीका और यूरोप का प्रेसिडेंट नियुक्त किया है।
निवेशकों के लिए संकेत
ऑडिटर का बदलना और बोर्ड में अनुभवी चेहरों को शामिल करना कंपनी की गवर्नेंस और पारदर्शिता के प्रति नई रणनीति को दर्शाता है। अब निवेशकों की नजर 43वीं AGM पर होगी, जहाँ इस नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगेगी। साथ ही, समीर टंडन के नेतृत्व में इन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में कंपनी कैसा प्रदर्शन करती है, यह देखना दिलचस्प होगा।
