UP Hotels FY26 Results: मुनाफा बढ़कर **₹32.24 करोड़** हुआ, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर सवाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
UP Hotels FY26 Results: मुनाफा बढ़कर **₹32.24 करोड़** हुआ, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर सवाल

UP Hotels Limited ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का मुनाफा **₹32.24 करोड़** दर्ज किया गया है। हालांकि, मुनाफे के साथ-साथ ऑडिटर्स ने रेगुलेटरी नियमों के पालन और लंबित कानूनी मामलों पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) जताकर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

मुनाफे के पीछे का सच

वित्त वर्ष FY26 के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹161.76 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹152.91 करोड़ से बेहतर है। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी ₹29.73 करोड़ से बढ़कर ₹32.24 करोड़ तक पहुंच गया है। मैनेजमेंट ने रूम रेंट यानी Average Room Rates (ARR) में 7.50% की बढ़ोतरी की है, जिसकी मदद से ऑक्यूपेंसी में आई 3.64% की गिरावट की भरपाई हो सकी।

ऑडिटर्स की चेतावनी और Governance के रिस्क

कंपनी की 65वीं एनुअल रिपोर्ट में ऑडिटर्स ने कुछ गंभीर खामियां निकाली हैं, जो सीधे तौर पर कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल उठाती हैं:

  • नियमों का उल्लंघन: कंपनी मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) के नियमों को पूरा करने में नाकाम रही है।
  • शेयरों का डीमैट: प्रमोटर्स के लगभग 2.34% शेयर अभी भी फिजिकल फॉर्म में हैं क्योंकि उनके अकाउंट्स फ्रीज हैं।
  • NCLT का चक्कर: पुरानी रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (RPTs) के मामलों में NCLT की सुनवाई चल रही है, जिसके चलते कई बोर्ड अप्रूवल्स पेंडिंग हैं।

आगे की राह

ऑडिटर्स की 'क्वालिफाइड ओपिनियन' निवेशकों के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग है। हालांकि कंपनी ने पहले डीलिस्टिंग की कोशिश की थी, लेकिन वह विफल रही। अब निवेशकों को NCLT के फैसलों और BSE की ओर से प्रमोटर्स के फ्रीज अकाउंट्स पर आने वाले निर्देशों पर नजर रखनी होगी। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स को पूरा करना और ऑपरेशन्स में बढ़ रही लागत और लेबर की कमी से निपटना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.