Typhoon Holdings का H1 FY27 रेवेन्यू बढ़कर **₹1.91 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन ऑडिटर्स की 'Emphasis of Matter' टिप्पणी ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
मुनाफे में सुस्ती और ऑडिटर्स की चिंता
कंपनी ने सितंबर 2026 को खत्म हुई छमाही के लिए अपने अन-ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। हालांकि कंपनी का टॉपलाइन प्रदर्शन पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर रहा है, लेकिन स्टैच्युटरी ऑडिटर्स S K Bhavsar & Co ने रिपोर्ट में 'Emphasis of Matter' क्लॉज जोड़कर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
ऑडिटर्स का कहना है कि कंपनी मैनेजमेंट ने ट्रेड रिसीवेबल्स और पेबल्स के लिए जरूरी बैलेंस कन्फर्मेशन लेटर्स और पार्टी-वाइज रिकंसीलिएशन स्टेटमेंट उपलब्ध नहीं कराए हैं। इस वजह से इन बैलेंस की रिकवरेबिलिटी और पूर्णता (completeness) पर शक पैदा हो गया है, जो सीधे तौर पर फाइनेंशियल डिस्क्लोजर्स की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।
फाइनेंशियल स्नैपशॉट
कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के ₹0.40 करोड़ से बढ़कर ₹1.91 करोड़ हो गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में मामूली बढ़त दिखी है जो ₹0.0168 करोड़ से बढ़कर ₹0.02 करोड़ रहा। कंपनी का EPS बढ़कर 0.41 पर है, जबकि पिछले साल यह 0.34 था। गौरतलब है कि कंपनी के कुल एसेट्स ₹50.96 लाख से घटकर ₹40.04 लाख पर आ गए हैं, जो बैलेंस शीट स्ट्रक्चर में बदलाव की ओर इशारा करते हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
फिलहाल सबसे बड़ा रिस्क ट्रेड बैलेंस में पारदर्शिता की कमी है। जब तक कंपनी इन अकाउंट्स का मिलान (reconciliation) नहीं कर लेती, तब तक इन आंकड़ों पर भरोसा करना मुश्किल है। आने वाले समय में मैनेजमेंट का इस पर क्या जवाब आता है, यह देखना बेहद जरूरी होगा।
