Trio Mercantile & Trading Ltd के फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे सामने आए हैं। कंपनी का नुकसान **₹0.05 करोड़** पर स्थिर बना हुआ है, जबकि आय बढ़कर **₹3.53 करोड़** हो गई है। बड़ी बात यह है कि कंपनी में पूरी तरह से नया बोर्ड आ गया है और अब कारोबार को फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में फैलाने की तैयारी है, हालांकि ऑडिटर्स ने नियमों के पालन में कोताही पर सवाल उठाए हैं।
मुनाफे और आय का गणित
कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति पर नजर डालें तो FY26 में कंपनी की कुल आय ₹3.53 करोड़ रही, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर यानी FY25 में ₹2.37 करोड़ थी। हालांकि, आय बढ़ने के बावजूद कंपनी का नुकसान ₹0.05 करोड़ पर ही अटका हुआ है, जो पिछले साल के बराबर ही है।
मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव
जुलाई 2026 से कंपनी में एक बड़े बदलाव का दौर शुरू हुआ है। पूर्व MD, चेयरपर्सन, CFO और CS ने इस्तीफा दे दिया है। अब कमान कौशिश जगन्नाथ जोशी की अध्यक्षता वाली नई टीम के हाथों में है। कंपनी अब अपने पुराने ट्रेडिंग प्रोफाइल से बाहर निकलकर फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर सर्विसेज जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर में कदम रखने की योजना बना रही है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और Governance
कंपनी के लिए फिलहाल चुनौतियां कम नहीं हैं। स्टैच्यूटरी ऑडिटर Bilimoria Mehta & Co. ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर चिंताएं जताई हैं। कंपनी अपने अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर 'Tally Prime' में अनिवार्य ऑडिट ट्रेल फीचर को लागू करने में विफल रही है। इसके अलावा, MGT-14 जैसे जरूरी ई-फॉर्म्स फाइल करने में भी देरी देखी गई है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
कंपनी एक बड़े ट्रांसफॉर्मेशन फेज में है। जहां नए मैनेजमेंट की तरफ से बिजनेस डायवर्सिफिकेशन एक पॉजिटिव संकेत है, वहीं रेगुलेटरी अनुपालन में कमी निवेशकों के लिए 'वॉच-पॉइंट' है। अब यह देखना अहम होगा कि नई टीम इन कंप्लायंस खामियों को कितनी जल्दी दूर करती है और कंपनी की ग्रोथ को कैसे आगे ले जाती है।
