Trinity Tradelink के सामने गहरे संकट के बादल छाए हैं। कंपनी का रेवेन्यू जीरो हो गया है और नेट वर्थ गिरकर **₹765.80 लाख** के निगेटिव स्तर पर पहुंच गई है। SARFAESI कार्यवाही के चलते कंपनी का ऑफिस भी सीज कर लिया गया है।
भारी वित्तीय और रेगुलेटरी संकट
Trinity Tradelink Ltd के ताजा आंकड़े निवेशकों के लिए चिंताजनक हैं। 30 सितंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू पूरी तरह से शून्य (Nil) रहा है। इस दौरान कंपनी को ₹5.57 लाख का नेट लॉस हुआ है। कंपनी की नेट वर्थ ₹765.80 लाख निगेटिव हो चुकी है, जो कैपिटल के पूरी तरह से खत्म होने का संकेत देती है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और SARFAESI का असर
कंपनी के स्टैच्युटरी ऑडिटर, M/s Pams & Associates ने 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि ICICI Bank ने SARFAESI एक्ट के तहत कंपनी का कॉरपोरेट ऑफिस सीज कर लिया है। इस कारण फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स, लैपटॉप और जरूरी फाइलों तक कंपनी की पहुंच खत्म हो गई है, जिससे बोर्ड मीटिंग्स और रिपोर्टिंग में भारी बाधा आ रही है।
क्या है आगे की चुनौती?
कंपनी ने अभी तक अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) नहीं की है और जरूरी स्टैच्युटरी फाइलिंग्स में भी देरी हुई है। कंपनी फिलहाल Securities Appellate Tribunal (SAT) में अपने शेयरों को रिलिस्ट कराने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है। भविष्य में Ministry of Corporate Affairs की स्कीम के तहत फाइलिंग्स और कानूनी फैसलों पर ही कंपनी का अस्तित्व निर्भर करेगा।
