Trinity Tradelink Ltd ने FY2025-26 के लिए निराशाजनक नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹62.82 लाख** हो गया है, जबकि ऑडिटर ने कंपनी के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी की आर्थिक सेहत लगातार खराब हो रही है। जहां पिछले साल कंपनी का लॉस ₹15.76 लाख था, वह अब बढ़कर ₹62.82 लाख पहुंच गया है। कंपनी की बिजनेस इनकम के नाम पर केवल ₹15,000 ही आए, जबकि खर्च का आंकड़ा ₹57.39 लाख पर पहुंच गया है। बोर्ड ने इस बार किसी भी तरह का डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
ऑडिटर की कड़ी चेतावनी
कंपनी के इंडिपेंडेंट ऑडिटर M/s. PAMS & Associates ने अपनी रिपोर्ट में 'क्वालीफाइड ओपिनियन' जारी किया है। ऑडिटर ने साफ कहा है कि कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है और बिजनेस में कोई सक्रिय रेवेन्यू नहीं है। साथ ही, पुराने रिकॉर्ड्स और मिसिंग डेटा के कारण कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़ों की पुष्टि करना भी मुश्किल हो रहा है।
BSE सस्पेंशन और आगे की राह
Trinity Tradelink के शेयर मई 2018 से BSE पर सस्पेंडेड हैं। हालांकि, जुलाई 2026 में Securities Appellate Tribunal (SAT) ने BSE को लिस्टिंग बहाल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन यह SEBI के नियमों (LODR) के पालन पर निर्भर है। कंपनी फिलहाल BSE की लिस्टिंग ऑपरेशन टीम के साथ बातचीत कर रही है।
AGM और भविष्य की चुनौतियां
कंपनी 29 सितंबर, 2026 को अपनी 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आयोजित करने जा रही है। इसमें मैनेजिंग डायरेक्टर Mr. Vikrant Kayan की फिर से नियुक्ति और नए ऑडिटर M/s. Lipika & Associates के चयन पर चर्चा होगी। कंपनी को रेगुलेटरी फाइलिंग और समय पर AGM न करने जैसे पुराने अनुपालन मुद्दों (Non-compliances) को भी जल्द सुलझाना होगा, तभी ट्रेडिंग दोबारा शुरू होने की उम्मीद की जा सकती है।
