Trinity Tradelink Limited के लिए हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। फाइनेंशियल ईयर **2026** में कंपनी ने **₹62.82 लाख** का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि कुल घाटा बढ़कर **₹3447.40 लाख** के पार पहुंच गया है।
डूबी हुई नेटवर्थ का गणित
कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों में तंगहाली साफ दिख रही है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की कमाई के नाम पर केवल ₹0.15 लाख आए, जबकि खर्च का आंकड़ा ₹57.40 लाख रहा। इन आंकड़ों ने कंपनी की नेटवर्थ को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जो अब नकारात्मक ₹821.82 लाख के स्तर पर है।
ऑडिटर की सख्त चेतावनी
ऑडिट फर्म PAMS & Associates ने कंपनी की बैलेंस शीट पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। इसमें कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (कारोबार जारी रखने) की क्षमता पर गंभीर अनिश्चितता जताई गई है। ऑडिटर ने स्पष्ट किया कि SARFAESI नीलामी के कारण कंपनी के पास अब कोई संपत्ति (Property/Plant/Equipment) नहीं बची है और अकाउंटिंग रिकॉर्ड्स का पूरी तरह अभाव है।
अब आगे क्या?
मैनेजमेंट ने 31 अगस्त, 2026 तक 'Companies Compliance Facilitation Scheme 2026' के तहत पेंडिंग फाइलिंग पूरी करने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल कंपनी BSE से डीलिस्टेड है और Securities Appellate Tribunal (SAT) में दोबारा लिस्टिंग की याचिका पर सुनवाई लंबित है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनी में इंटरनल कंट्रोल की स्थिति बेहद खराब है। ऑडिट ट्रेल न होने और लोन व रिसीवेबल्स के अनकन्फर्म्ड बैलेंस निवेशकों के लिए बड़े खतरे की घंटी हैं। निवेशकों को अब SAT के फैसले और अनुपालन (Compliance) डेडलाइन पर नजर रखनी चाहिए।
