Trinity Tradelink Limited ने अपना FY25 का एनुअल रिपोर्ट पेश किया है, जिसमें कंपनी को **₹15.76 लाख** का नेट लॉस हुआ है। कंपनी फिलहाल BSE पर सस्पेंड चल रही है और कई तरह की रेगुलेटरी समस्याओं में फंसी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
कंपनी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस फाइनेंशियल ईयर में नेट लॉस बढ़कर ₹15.76 लाख पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹6.42 लाख था। कंपनी की कुल इनकम ₹26.85 लाख रही है।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Qualified Opinion)
स्टैच्युटरी ऑडिटर PAMS & Associates ने कंपनी पर सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी ने कई सालों से ROC और SEBI के पास स्टैच्युटरी फाइलिंग नहीं की है। कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह से इरोड (erode) हो चुकी है, जिसके कारण इसके बिजनेस के भविष्य (going concern) पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
गवर्नेंस और रिस्क
सिर्फ फाइनेंशियल घाटा ही नहीं, ऑडिट में कंपनी के इंटरनल कंट्रोल में बड़ी खामियां पाई गई हैं। एसेट वेरिफिकेशन और डॉक्यूमेंटेशन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। मैनेजमेंट ने 30 सितंबर, 2025 को मुंबई में अपनी 40वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है, जिसमें आगे की स्थिति पर चर्चा की जाएगी।
निवेशकों के लिए चेतावनी
फिलहाल यह स्टॉक BSE पर ट्रेडिंग के लिए सस्पेंड है। ऑडिटर्स की क्वॉलिफाइड ओपिनियन और डीलिस्टिंग के बढ़ते जोखिम के चलते यह स्टॉक बेहद रिस्की जोन में है। निवेशकों को कंपनी की तरफ से सस्पेंशन हटने और फाइलिंग दुरुस्त होने के आधिकारिक अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए।
