Tricom Fruit Products Limited फिलहाल इन्सॉल्वेंसी (CIRP) प्रक्रिया से गुजर रही है। कंपनी के क्रेडिटर्स की कमिटी ने विवेक कुमार रताकोंडा के रेजोल्यूशन प्लान को **99.91%** वोटों के साथ मंजूरी दे दी है, लेकिन अब निवेशकों की नजरें NCLT के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
क्या है मौजूदा स्थिति?
कंपनी फिलहाल IBC, 2016 के तहत कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) का हिस्सा है। NCLT मुंबई बेंच ने 13 अगस्त, 2024 को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को सस्पेंड कर दिया था और अब इसकी पूरी कमान रेजोल्यूशन प्रोफेशनल प्रकाश दत्तात्रेय नारिंग्रेकर के हाथों में है।
वित्तीय हालत पर एक नज़र
कंपनी के ऑपरेशन्स पूरी तरह बंद हो चुके हैं और हालिया रिपोर्ट में इनकम निल (Nil) रही है। कंपनी की माली हालत बेहद खराब है:
- नेट वर्थ: ₹8,693.64 लाख (नेगेटिव)
- एक्युमुलेटेड लॉसेस: ₹13,035.31 लाख
- आउटस्टैंडिंग कर्ज: ₹6,564.64 लाख
निवेशकों के लिए जोखिम
ऑडिटर्स ने साफ चेतावनी दी है कि कंपनी का 'गोइंग कंसर्न' के तौर पर टिके रहना मुश्किल है। कंपनी का करंट रेशियो 0.0 पर है, जिसका मतलब है कि इसके पास अपनी देनदारियां चुकाने के लिए लिक्विडिटी की भारी कमी है। अब शेयरहोल्डर्स की वैल्यू पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि NCLT द्वारा मंजूर किए जाने वाले फाइनल रेजोल्यूशन प्लान की शर्तें क्या हैं।
अनुपालन और गवर्नेंस
बीते समय में कंपनी ने MGT-14 और MGT-15 फॉर्म फाइल करने में देरी की थी और BSE की लिस्टिंग फीस भी समय पर नहीं भरी थी। हालांकि, अब इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया के तहत इन कमियों को सुधारा जा रहा है।
