Tivoli Construction ने अपनी सब्सिडियरी Victoria Investments Company Limited में **100%** हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है। यह सब्सिडियरी कंपनी की कुल नेटवर्थ का लगभग **99%** हिस्सा संभालती है।
बड़ा बदलाव: एसेट बेस का पुनर्गठन
Tivoli Construction ने अपनी मटेरियल सब्सिडियरी Victoria Investments Company Limited को पूरी तरह बेचने का फैसला लिया है। यह सौदा एक तीसरे पक्ष (Third Party), केतन कीर्तिकुमार शाह के साथ किया गया है। कंपनी को इस ट्रांजेक्शन के लिए 30 सितंबर 2026 को होने वाली 40वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों से 'स्पेशल रेजोल्यूशन' के जरिए मंजूरी लेनी होगी। कुल 7,00,400 इक्विटी शेयर बेचने की यह प्रक्रिया 31 मार्च 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है।
क्यों है यह अहम?
यह कोई मामूली सेल नहीं है, क्योंकि Victoria Investments कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड नेटवर्थ का 98.76% हिस्सा रखती है और कंपनी की कुल इनकम में इसका 34.89% योगदान है (FY26 के आंकड़ों के अनुसार)। इस कदम से कंपनी के कामकाज और एसेट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आएगा।
बोर्ड और गवर्नेंस में बदलाव
डाइवैस्टमेंट के साथ-साथ कंपनी ने मैनेजमेंट में भी बदलाव किए हैं:
- ऑडिटर: M/s. M.R. Sharma & Co. को 5 साल के लिए नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है, जो M/s. N. S. Shetty & Co. की जगह लेंगे।
- डायरेक्टर: सागर ज्योत रूपानी को 26 दिसंबर 2026 से दूसरे 5 साल के कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बरकरार रखा गया है।
निवेशकों के लिए रिस्क और आगे क्या?
चूंकि बेची जाने वाली कंपनी Tivoli की पूरी नेटवर्थ का आधार है, इसलिए AGM में होने वाली वोटिंग और सौदे की शर्तों पर निवेशकों की पैनी नजर होनी चाहिए। शेयरधारकों के लिए कंपनी का भविष्य का बैलेंस शीट का आकार और फोकस समझना सबसे बड़ी चुनौती है।
