Thomas Cook (India) Ltd को अपने प्रपोज्ड कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से 'ऑब्जर्वेशन लेटर' मिल गया है। यह कंपनी की रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया में एक बड़ा मील का पत्थर है।
रीस्ट्रक्चरिंग की ओर बड़ा कदम
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने Thomas Cook (India) Ltd की कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को अपनी 'नो ऑब्जेक्शन' दे दी है। इस रेगुलेटरी मंजूरी के बाद अब कंपनी कानूनी तौर पर NCLT में आवेदन करने के लिए तैयार है। यह स्कीम कंपनी के बिजनेस को सरल बनाने और Sterling Holiday Resorts के साथ तालमेल बिठाने के लिए लाई गई है।
स्कीम में क्या शामिल है?
इस स्कीम के तहत TCIL से Sterling Holiday Resorts Ltd और तीन अन्य ट्रांसफरर कंपनियों—TC Visa Services, Jardin Travel Solutions, और Borderless Travel Services के बीच बिजनेस का डीमर्जर और ट्रांसफर किया जाएगा।
रेगुलेटरी शर्तें और अनुपालन
NSE की यह मंजूरी पूरी तरह से कंडीशनल है। कंपनी को कुछ अहम नियमों का पालन करना होगा:
- प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही का पूरा खुलासा करना होगा।
- Sterling Holiday Resorts के लिए एक विस्तृत इंफॉर्मेशन मेमोरेंडम जमा करना होगा।
- NCLT ऑर्डर के 60 दिनों के भीतर Sterling Holiday Resorts की लिस्टिंग सुनिश्चित करनी होगी।
- रिकॉर्ड डेट से लिस्टिंग तक शेयरहोल्डिंग पैटर्न को स्थिर रखना अनिवार्य है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी द्वारा NCLT में दायर की जाने वाली याचिकाओं पर नजर रखनी चाहिए, जो इस NSE लेटर की 6 महीने की वैधता के भीतर पूरी होनी चाहिए। साथ ही, कंपनी को NEAPS पोर्टल पर अपनी अनुपालन स्थिति (Compliance status) की रिपोर्ट भी फाइल करनी होगी।
