Thomas Cook (India) Limited ने अपनी प्रस्तावित 'कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' के लिए BSE से 'नो एडवर्स ऑब्जर्वेशन' लेटर प्राप्त कर लिया है। इस बड़े रेगुलेटरी पड़ाव को पार करने के बाद कंपनी अब NCLT का रुख करेगी।
रीस्ट्रक्चरिंग की राह साफ
BSE ने 31 अगस्त, 2026 को कंपनी की प्रस्तावित 'कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' के लिए अपनी अनुमति दे दी है। यह रेगुलेटरी माइलस्टोन Thomas Cook के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके बाद अब कंपनी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में अपनी याचिका दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी।
क्या है योजना?
इस रीस्ट्रक्चरिंग में पैरेंट कंपनी के साथ-साथ Sterling Holiday Resorts, TC Visa Services, Jardin Travel Solutions और Borderless Travel Services जैसी इकाइयां शामिल हैं। कंपनी का उद्देश्य अपनी संगठनात्मक संरचना को मजबूत करना और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाना है।
आगे क्या होगा?
- NCLT फाइलिंग: BSE की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी के पास अब 6 महीने का समय है, जिसके भीतर उसे NCLT में फॉर्मल याचिका दाखिल करनी होगी।
- लीगल प्रक्रिया: इस प्रक्रिया के दौरान कंपनी को अपनी कानूनी और रिकवरी प्रोसीडिंग्स का पूरा खुलासा करना होगा।
- शेयरहोल्डर्स की भूमिका: निवेशकों को अब कंपनी द्वारा शेयरहोल्डर्स मीटिंग और NCLT फाइलिंग की तारीखों की घोषणा का इंतजार करना चाहिए।
यह कदम कंपनी के ग्रुप स्ट्रक्चर को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिस पर निवेशकों को लगातार नज़र रखनी चाहिए।
