The Ravalgaon Sugar Farm Limited के लिए सितंबर तिमाही बेहद खराब रही है। कंपनी ने शून्य रेवेन्यू (Revenue) रिपोर्ट किया है और कंपनी को **₹58.48 लाख** का नेट लॉस हुआ है। कंपनी फिलहाल पूरी तरह इनएक्टिव है और कई कानूनी विवादों से जूझ रही है।
मुनाफे का अता-पता नहीं, घाटे का सिलसिला जारी
कंपनी ने सितंबर तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें ऑपरेशन से रेवेन्यू 'Nil' रहा है। वित्तीय मोर्चे पर स्थिति चिंताजनक है, जहां तिमाही आधार पर कंपनी को ₹58.48 लाख का घाटा हुआ है। वहीं, छमाही के कुल आंकड़ों को देखें तो कंपनी का नुकसान ₹121.79 लाख तक पहुंच गया है। कंपनी का बेसिक और डाइल्यूटेड EPS (17.20) दर्ज किया गया है।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
बोर्ड ने गवर्नेंस को सुचारू बनाने के लिए Ms. Maahi Amit Ahuja को कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया है, जो 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगा। इसके अलावा, ऑडिटिंग के लिए M/s. S. R. Padhye & Co. को फिर से सेक्रेटरियल ऑडिटर और M/s. Sandesh Kadam & Associates को इंटरनल ऑडिटर के रूप में बरकरार रखा गया है।
कानूनी पचड़ों की लंबी लिस्ट
कंपनी के ऑडिटर्स ने कुछ गंभीर कानूनी विवादों की ओर इशारा किया है जो कंपनी की सेहत के लिए बड़े रिस्क हैं:
- ग्रेच्युटी क्लेम: 21 पूर्व कर्मचारियों का ₹62.10 लाख का दावा पेंडिंग है, जिसके लिए कंपनी ने सुरक्षा के तौर पर ₹63.14 लाख जमा किए हैं, लेकिन कोई प्रोविजन नहीं बनाया है।
- प्रॉपर्टी टैक्स: ग्राम पंचायत ने ₹278.93 लाख की मांग की है, जिसे कंपनी चुनौती दे रही है और फिलहाल ₹69.87 लाख प्रोटेस्ट के तहत जमा किए गए हैं।
- वॉटर चार्जेस: महाराष्ट्र सरकार की ओर से बकाया पानी के बिलों को लेकर दबाव है, जिसके लिए कंपनी ने माफी (Waiver) की गुहार लगाई है।
निवेशकों को सलाह है कि वे कानूनी विवादों के निपटारे पर नज़र रखें, क्योंकि इनका फैसला कंपनी की बची हुई एसेट्स की वैल्यू तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
