TeleCanor Global के FY26 नतीजों में रेवेन्यू तो बढ़ा, लेकिन नेट प्रॉफिट घटकर मात्र **₹12.24 लाख** रह गया। कंपनी पर **₹7.06 करोड़** के एक्सेप्शनल खर्चों और गंभीर कंप्लायंस चूक का साया है, जो निवेशकों के लिए रिस्क सिग्नल हैं।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
कंपनी का रेवेन्यू ₹398.89 लाख से बढ़कर ₹1,630.44 लाख हो गया है, लेकिन बॉटम लाइन पर इसका असर नहीं दिखा। पिछले साल के ₹76.56 लाख के नेट प्रॉफिट के मुकाबले, इस साल यह गिरकर महज ₹12.24 लाख पर आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह ₹7.06 करोड़ के एक्सेप्शनल आइटम्स और भारी-भरकम राइट-ऑफ (Write-offs) हैं।
ऑडिटर्स ने उठाए गंभीर सवाल
सिर्फ मुनाफे में कमी ही नहीं, बल्कि ऑडिटर्स ने कंपनी के इंटरनल कंट्रोल्स पर 'Emphasis of Matter' जारी किया है। इसमें TDS रिकॉर्ड्स में कमी और एक्सपोर्ट के लिए जरूरी 'Softex' डॉक्यूमेंट्स का न होना एक बड़ा रिस्क माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए रेड फ्लैग्स
- कंप्लायंस: कंपनी ने अभी तक FY25 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है।
- रिकवेबल्स: कंपनी ने ₹5.19 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स को राइट-ऑफ किया है, जबकि ₹1.54 करोड़ अभी भी तीन साल से अधिक समय से बकाया हैं।
- सरकारी बकाया: मार्च 2026 तक कंपनी पर ₹56.53 लाख सर्विस टैक्स और ₹16.75 लाख वैट (VAT) जैसी देनदारियां लंबित हैं।
- विवाद: Phoenix ARC के साथ वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) के बावजूद, कंपनी ने गिरवी रखे दस्तावेजों को वापस न पाने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
निवेशकों को अब कंपनी की टैक्स फाइलिंग और कानूनी विवादों के समाधान पर कड़ी नजर रखनी होगी, क्योंकि डॉक्यूमेंटेशन और रिकवरी में सुधार ही भविष्य के लिए भरोसे का आधार बनेगा।
