Techindia Nirman Limited ने अपनी 46वीं AGM 22 सितंबर, 2026 को बुलाई है। कंपनी इस बैठक में बोर्ड नियुक्तियों और वित्तीय नतीजों पर चर्चा करेगी। फिलहाल कंपनी NSE पर सस्पेंडेड है और भारी गवर्नेंस चुनौतियों से जूझ रही है।
भारी वित्तीय और गवर्नेंस संकट
कंपनी के हालात काफी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए कंपनी ने शून्य रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि नेट लॉस ₹62.15 लाख रहा है। खराब रेगुलेटरी कंप्लायंस के चलते NSE ने 18 नवंबर, 2024 से कंपनी के शेयर ट्रेडिंग पर रोक लगा रखी है।
AGM का मुख्य एजेंडा
22 सितंबर, 2026 को होने वाली इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए जाने हैं:
- बोर्ड का पुनर्गठन: तीन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स—हितेश रजनीकांत पुरोहित, वडला नागभूषणम और मधुकर देशपांडे को फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव है।
- नए ऑडिटर: M/s. KP Sahasrabudhe & Co. को स्टेट्यूटरी ऑडिटर और नेहा पी. अग्रवाल को सेक्रेटेरियल ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने पर वोटिंग होगी।
क्यों है चिंता की बात?
कंपनी फिलहाल गंभीर गवर्नेंस दिक्कतों का सामना कर रही है। 31 मार्च, 2026 तक बोर्ड में केवल 2 डायरेक्टर्स थे, जबकि नियम के अनुसार 6 डायरेक्टर्स होने चाहिए। कंपनी में न तो कोई मैनेजिंग डायरेक्टर है और न ही कोई महिला डायरेक्टर, जो SEBI (LODR) नियमों का सीधा उल्लंघन है।
आगे क्या होगा?
मैनेजमेंट का कहना है कि वे इन सुधारों के जरिए फिर से पटरी पर लौटने की कोशिश कर रहे हैं। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि क्या शेयरधारक प्रस्तावित नियुक्तियों को मंजूरी देते हैं या नहीं। कंपनी का भविष्य अब इस बात पर टिका है कि वह अपनी खाली पदों को भरकर रेगुलेटरी मानकों को पूरा कर पाती है या नहीं, ताकि NSE से ट्रेडिंग सस्पेंशन हटाया जा सके।
