Tata Steel के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी को Income Tax Appellate Tribunal से FY2009 के टैक्स केस में बड़ी राहत मिली है।
टैक्स मामले में टाटा की दूसरी बड़ी कामयाबी
Income Tax Appellate Tribunal ने Tata Steel के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को बड़ी राहत दी है। यह मामला फाइनेंशियल ईयर 2009 में Corus Group Plc के अधिग्रहण के दौरान किए गए ब्याज खर्च (interest expenditure) के डिडक्शन से जुड़ा था। इस आदेश के बाद कंपनी की कंटिजेंट टैक्स लायबिलिटी में ₹427 करोड़ की कमी आएगी। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले फरवरी 2026 में कंपनी को FY2008 के मामले में भी इसी तरह की सफलता मिली थी।
बैलेंस शीट पर क्या होगा असर?
FY2008 और FY2009 की इन जीतों को मिलाकर, कंपनी अपनी कुल कंटिजेंट लायबिलिटी को ₹642 करोड़ तक कम कर चुकी है। अगर हम पुराने आंकड़ों को देखें, तो FY2008 से लेकर FY2015 तक की कुल देनदारी लगभग ₹1,901 करोड़ थी। अब इन दो फैसलों के बाद, यह घटकर करीब ₹1,259 करोड़ रह जाने की उम्मीद है, बशर्ते Assessing Officer की ओर से जरूरी ऑर्डर्स जारी कर दिए जाएं।
आगे का रास्ता
कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि ये लगातार दो जीतें एक मजबूत कानूनी मिसाल (legal precedent) पेश करती हैं। इसका इस्तेमाल अब वे FY2010 से लेकर FY2015 के बीच के लंबित टैक्स विवादों को सुलझाने में करेंगे। हालांकि, निवेशकों को अब भी Assessing Officer के फाइनल ऑर्डर्स और विभाग द्वारा आगे की किसी अपील पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि FY2010-2015 का मामला अभी पूरी तरह क्लोज नहीं हुआ है।
