Tarsons Products ने FY26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹4,225.13 मिलियन** हो गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट घटकर **₹143.22 मिलियन** पर आ गया है। इस गिरावट के पीछे Amta और Panchla में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की लागत और डेप्रिसिएशन का असर है।
मुनाफे में क्यों आई कमी?
कंपनी के नतीजों में रेवेन्यू में 7.6% की ग्रोथ तो दिखी है, लेकिन बॉटम-लाइन पर इसका दबाव साफ है। FY25 में नेट प्रॉफिट ₹297.70 मिलियन था, जो अब घटकर ₹143.22 मिलियन रह गया है। इसका सीधा असर बेसिक EPS पर पड़ा है, जो पिछले साल के ₹5.60 से गिरकर ₹2.69 हो गया है।
बड़े एक्सपेंशन का असर
कंपनी फिलहाल एक भारी कैपिटल-एक्सपेंडिचर (CapEx) दौर से गुजर रही है। Amta और Panchla में नई फैसिलिटी शुरू होने से डेप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट बढ़ गई है, जबकि इनसे पूरा रेवेन्यू अभी आना बाकी है।
ऑपरेशंस और गवर्नेंस पर नज़र
- ऑपरेशंस: Amta में रेडिएशन स्टरलाइजेशन प्लांट चालू हो गया है और Panchla में भी कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो गया है। साथ ही, जर्मन फर्म Nerbe के साथ एकीकरण से यूरोप में पैठ मजबूत हुई है।
- मैनेजमेंट पेआउट: कंपनी ने ₹41.39 मिलियन की एक्सेस मैनेजेरियल रेम्यूनरेशन (Remuneration) का खुलासा किया है, जिसे माफ करने के लिए कंपनी शेयरधारकों से AGM में मंजूरी मांगेगी।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
बोर्ड ने कैपिटल प्रिजर्वेशन को ध्यान में रखते हुए इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है। अब निवेशकों को नए प्लांट्स में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इसी से आगे चलकर मार्जिन में सुधार संभव है।
