Tarai Foods Ltd ने FY26 के नतीजों में **₹44.50 लाख** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। कंपनी फिलहाल कोई ऑपरेशनल कामकाज नहीं कर रही है और पूरे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
बिगड़ते फाइनेंशियल हालात
कंपनी के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। FY 2025-26 के रिपोर्ट कार्ड में कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹44.50 लाख हो गया है, जबकि पिछले साल यह ₹19.77 लाख था। रेवेन्यू भी फिसलकर ₹11.20 लाख रह गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹19.00 लाख था। कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि उनका नेट वर्थ नेगेटिव हो चुका है और कोई भी एक्टिव बिजनेस ऑपरेशन नहीं चल रहा है।
गंभीर रेगुलेटरी संकट
नियामकीय अनुपालन (Regulatory Compliance) के मोर्चे पर कंपनी पूरी तरह फेल साबित हुई है। कंपनीज एक्ट, 2013 की धारा 164(2) के तहत, लगातार 4 सालों तक फाइनेंशियल स्टेटमेंट फाइल न करने के कारण बोर्ड के सभी डायरेक्टर्स को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा, कंपनी SEBI के नियमों जैसे SDD डेटाबेस का रख-रखाव और समय पर एक्सचेंज को सूचना देने में भी विफल रही है।
गवर्नेंस और ऑपरेशन्स पर बड़ा सवाल
कंपनी के पास न तो कोई फुल-टाइम CFO है और न ही फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट का लाइसेंस, जो दिसंबर 2024 में ही एक्सपायर हो चुका है। मैनेजमेंट ने फंड्स की कमी का हवाला दिया है, जिससे कंपनी के अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा हो गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
अब निवेशकों की नजर स्टॉक एक्सचेंज के अगले कदमों पर है। बड़ी मात्रा में नियमों के उल्लंघन और बोर्ड के खाली होने के कारण, कंपनी पर ट्रेडिंग सस्पेंशन या डीलिस्टिंग (Delisting) की तलवार लटक रही है। कंपनी ने पिछले 4 सालों से MCA के साथ कोई भी तिमाही या सालाना परिणाम फाइल नहीं किए हैं, जो इसे एक हाई-रिस्क जोन में डालता है।
