Talwalkars Better Value Fitness ने NCLT की कार्रवाई पूरी होने के बाद लिक्विडेशन से बाहर कदम रखा है। कंपनी ने FY26 में **₹87.38 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है और अब इसका फोकस फिटनेस के अलावा फिल्म प्रोडक्शन और ज्वेलरी ट्रेड जैसे नए सेक्टर्स पर शिफ्ट हो रहा है।
भारी नुकसान और स्ट्रैटेजिक बदलाव
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए ₹87.38 करोड़ का नेट लॉस घोषित किया है। इस नुकसान के पीछे ₹75.53 करोड़ के एक्सेप्शनल आइटम्स (Exceptional Items) का बड़ा हाथ रहा है। कंपनी अब अपनी पुरानी पहचान से निकलकर एक डायवर्सिफाइड कॉरपोरेट एंटिटी बनने की तैयारी में है।
नई कमान और नया बिजनेस मॉडल
कंपनी ने 26 फरवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर लिक्विडेशन की प्रक्रिया समाप्त कर ली है। अब कंपनी के बोर्ड का पुनर्गठन (Reconstitution) किया गया है और मीना अरविंद भानुशाली को 19 अगस्त 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया गया है।
अब कंपनी फिटनेस के पारंपरिक बिजनेस से हटकर इन क्षेत्रों में अपना भाग्य आजमाएगी:
- फिल्म और ऑडियो-विजुअल प्रोडक्शन
- इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) लाइसेंसिंग
- ज्वेलरी और कीमती पत्थरों का व्यापार
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल 'एक्जीक्यूशन' का है। कंपनी का रेवेन्यू अभी केवल ₹14.29 लाख के स्तर पर है, जो इसके काफी सुस्त दौर को दर्शाता है। एक फिटनेस ब्रांड से मीडिया और ज्वेलरी क्षेत्र की कंपनी में बदलना बहुत बड़ी चुनौती है, जिसके लिए भारी कैपिटल और ऑपरेशनल एक्सपर्टीज की जरूरत होगी। हालांकि, कंपनी ने 5 साल के लिए ऑडिटर्स नियुक्त कर कॉरपोरेट गवर्नेंस को सुधारने का संकेत जरूर दिया है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नई लीडरशिप इन नए बिजनेस ऑब्जेक्ट्स से कितना रेवेन्यू जनरेट कर पाती है।
