Tahmar Enterprises Ltd ने अपनी 35वीं AGM सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। कंपनी ने FY2025-26 के फाइनेंशियल नतीजों को अपनाने के साथ-साथ ₹500 करोड़ तक के रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन (RPT) की लिमिट को भी मंजूरी दे दी है।
AGM के मुख्य फैसले
Tahmar Enterprises Ltd की 35वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 29 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। कंपनी ने पुष्टि की है कि शेयरधारकों ने सभी प्रस्तावित प्रस्तावों पर अपनी सहमति दे दी है। इसमें मुख्य रूप से FY 2025-26 के लिए ऑडिट किए गए फाइनेंशियल स्टेटमेंट और श्री राजशेखर कड़ाकेथ राजशेखर नायर की डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति शामिल है।
₹500 करोड़ का बड़ा फैसला
कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण विकास ₹500 करोड़ तक के मटेरियल रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन (RPT) के लिए मिली मंजूरी है। यह कदम कंपनी को अपनी ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने और बिजनेस ट्रांजेक्शन को एक निश्चित नियामक ढांचे के भीतर सुव्यवस्थित करने में मदद करेगा।
वोटिंग में क्या रहा खास?
इस प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला जहां प्रमोटर शेयरधारकों ने डायरेक्टर की नियुक्ति और आरपीटी प्रस्तावों पर मतदान से खुद को अलग रखा। कुल 10,12,00,740 शेयर, जो प्रमोटरों के पास थे, इन प्रस्तावों के लिए अमान्य घोषित किए गए। हालांकि, इसके बावजूद शेष वैध मतों के साथ सभी प्रस्तावों को आवश्यक बहुमत मिल गया।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
भले ही ये प्रस्ताव प्रक्रियात्मक (procedural) हैं, लेकिन निवेशकों को भविष्य की तिमाही और सालाना रिपोर्ट पर नजर रखनी चाहिए। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी इस ₹500 करोड़ की लिमिट का उपयोग कैसे करती है और क्या सभी लेनदेन 'आर्म्स-लेंथ' (पारदर्शी) तरीके से किए जा रहे हैं, ताकि माइनॉरिटी निवेशकों के हितों की रक्षा हो सके।
