TTL Enterprises: Q2 मुनाफे में भारी गिरावट, ऑडिटर्स ने बैलेंस शीट पर उठाए सवाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
TTL Enterprises: Q2 मुनाफे में भारी गिरावट, ऑडिटर्स ने बैलेंस शीट पर उठाए सवाल

TTL Enterprises के लिए सितंबर तिमाही के नतीजे बेहद कमजोर रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹4.40 करोड़** से गिरकर **₹0.42 करोड़** रह गया है, वहीं नेट प्रॉफिट घटकर मात्र **₹0.02 करोड़** दर्ज किया गया है। इसके अलावा, ऑडिटर्स ने ट्रेड रिसीवेबल्स और पेबल्स के वेरिफिकेशन को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं।

बिगड़ती वित्तीय स्थिति

सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी सुस्त रहा है। नेट प्रॉफिट जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹0.07 करोड़ था, वह अब गिरकर ₹0.02 करोड़ पर आ गया है। कंपनी की गिरती सेहत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बेसिक अर्निंग पर शेयर (EPS) भी 10.59 से घटकर 3.11 रह गया है।

बैलेंस शीट में आई भारी सिकुड़न

कंपनी के एसेट्स का दायरा तेजी से सिमट रहा है। मार्च 2026 में जो एसेट्स ₹6.54 करोड़ थे, वे अब घटकर ₹1.09 करोड़ रह गए हैं। ट्रेड रिसीवेबल्स ₹6.36 करोड़ से घटकर ₹0.77 करोड़ और ट्रेड पेबल्स ₹6.35 करोड़ से घटकर ₹0.90 करोड़ पर आ गए हैं, जो बिजनेस के कम होने का स्पष्ट संकेत है।

ऑडिटर्स की चेतावनी (Risk Alert)

कंपनी के ऑडिटर्स S K Bhavsar & Co. ने 'Emphasis of Matter' के तहत निवेशकों को आगाह किया है। उनका कहना है कि ट्रेड रिसीवेबल्स, पेबल्स और लोन एंड एडवांसेज का अभी तक पूर्ण वेरिफिकेशन नहीं हो पाया है। बाहरी पक्षों से सीधे कंफर्मेशन न मिलने के कारण बैलेंस शीट के आंकड़ों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि रिकॉन्सिलिएशन के दौरान कोई बड़ी गड़बड़ी सामने आती है, तो कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग की सटीकता पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

आगे की राह

निवेशकों के लिए अब यह देखना बेहद जरूरी होगा कि कंपनी इन बकाया बैलेंस का समाधान कैसे करती है। रेवेन्यू में सुधार और ऑडिट रिपोर्ट से जुड़ी चिंताओं का निपटारा ही स्टॉक में निवेशकों का भरोसा वापस लाने में मदद करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.