TTI Enterprise Ltd ने अपनी 45वीं AGM के लिए एजेंडा जारी कर दिया है। कंपनी अपने कारोबार को NBFC से होलसेल ट्रेडिंग में बदलने जा रही है और इसके लिए **₹1,000 करोड़** की उधार सीमा की मंजूरी मांगी है।
AGM में बड़े प्रस्ताव
TTI Enterprise ने अपनी 45वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 28 सितंबर, 2026 को बुलाई है। कंपनी ने ₹1,000 करोड़ तक उधार लेने और इतनी ही राशि का निवेश करने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। इसके अलावा, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹1,000 करोड़ तक के 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस' के लिए भी प्रस्ताव रखा गया है।
कारोबार का नया मॉडल
कंपनी अब एक NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) से पूरी तरह हटकर होलसेल ट्रेडिंग में कदम रख रही है। इसमें कृषि उत्पाद, कीमती धातुएं और फूड प्रोडक्ट्स शामिल होंगे। अपनी इस रणनीति को सपोर्ट करने के लिए कंपनी Realearth Ecofarms India, Real One Multitrade, Centreal Biofuels और Aries Industrial Park जैसी कंपनियों से ₹100-100 करोड़ तक का फंड जुटाने की तैयारी में है, जिसे भविष्य में इक्विटी में बदला जा सकता है।
चुनौतियां और रेगुलेटरी पचड़ा
कंपनी के लिए राह आसान नहीं है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी को ₹141.14 लाख का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल ₹91.04 लाख का मुनाफा हुआ था। रेवेन्यू भी ₹284.03 लाख से गिरकर ₹246.31 लाख पर आ गया है।
सबसे बड़ा झटका यह है कि ऑफिस शिफ्टिंग के दौरान कंपनी के जरूरी प्रशासनिक और फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स खो गए हैं। इसके अलावा, RBI ने कंपनी का NBFC लाइसेंस सरेंडर करने का पहला आवेदन खारिज कर दिया है और अब कंपनी दोबारा अर्जी देने की तैयारी कर रही है।
गवर्नेंस में बदलाव
AGM में Mithun Wales को मैनेजिंग डायरेक्टर और Nikhil Gehlot को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियमित करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। साथ ही, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Hemant Agarwal के वेतन में बदलाव पर भी मुहर लगाई जाएगी।
