TTI Enterprise के बोर्ड ने अपनी बोरिंग और इन्वेस्टमेंट लिमिट को बढ़ाकर **₹1,000 करोड़** करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही कंपनी ने कुछ प्राइवेट संस्थाओं से कनवर्टिबल लोन सुविधा भी ली है, जिससे भविष्य में इक्विटी डाइल्यूशन की संभावना बन रही है।
भारी विस्तार की तैयारी\n\nTTI Enterprise के बोर्ड ने 27 अगस्त 2026 को हुई बैठक में एक बड़ा निर्णय लेते हुए कंपनी की बोरिंग क्षमता को मौजूदा पेड-अप कैपिटल और फ्री रिजर्व से ऊपर ₹1,000 करोड़ तक ले जाने की मंजूरी दी है। इसी के साथ कंपनी ने सेक्शन 186 के तहत लोन, इन्वेस्टमेंट और गारंटी के लिए भी ₹1,000 करोड़ की सीमा तय कर दी है। इन क्रेडिट लाइन्स को सुरक्षित करने के लिए बोर्ड ने कंपनी की संपत्ति को गिरवी रखने की अनुमति भी दे दी है।\n\n### कनवर्टिबल लोन का खेल\n\nनिवेशकों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कंपनी ने चार खास संस्थाओं—Realearth Ecofarms India Private Limited, Real One Multitrade India Private Limited, Centreal Biofuels Limited और Aries Industrial Park Private Limited—से लोन सुविधा ली है। इसमें लेंडर के पास यह ऑप्शन होगा कि वे भविष्य में अपने कर्ज को इक्विटी या प्रेफरेंस शेयरों में बदल सकें। यह कदम भविष्य में कंपनी के शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर को प्रभावित कर सकता है।\n\n### AGM की तारीख तय\n\nकंपनी ने अपनी 45वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए 28 सितंबर 2026 की तारीख मुकर्रर की है। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक होगी। शेयरधारकों के लिए मेंबर रजिस्टर 22 सितंबर से 28 सितंबर तक बंद रहेगा और रिमोट ई-वोटिंग के लिए कट-ऑफ डेट 21 सितंबर 2026 तय की गई है।