TTI Enterprise Ltd ने अपनी 45वीं सालाना आम बैठक (AGM) में बड़े वित्तीय बदलावों का प्रस्ताव रखा है। कंपनी **₹1,000 करोड़** तक का कर्ज लेने की योजना बना रही है और मैनेजमेंट में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।
भारी कर्ज और रणनीति में बदलाव
कंपनी ने अपनी 45वीं AGM में निवेश और गारंटी के लिए ₹1,000 करोड़ तक की बोरिंग लिमिट तय करने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम कंपनी की भविष्य की पूंजी रणनीति और बड़े निवेशों के लिए बड़ी वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगा।
लीडरशिप में बड़ा फेरबदल
कंपनी के बोर्ड ने गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए अहम नियुक्तियां की हैं। मिथुन वेल्स (Mithun Wales) को कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है। इसके साथ ही निखिल गहलोत (Nikhil Gehlot) को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में प्रस्तावित किया गया है। वहीं, गौरव सराफ (Gourav Saraf) को कंपनी का सेक्रेटेरियल ऑडिटर नियुक्त करने पर भी विचार हुआ है।
डेट-टू-इक्विटी कन्वर्जन का गणित
कंपनी ने रीयलअर्थ इकोफार्म्स (Realearth Ecofarms), रीयल वन मल्टीट्रेड (Real One Multitrade), सेंट्रियल बायोफ्यूल्स (Centreal Biofuels) और एरीज इंडस्ट्रियल पार्क (Aries Industrial Park) के साथ लोन एग्रीमेंट करने की योजना बनाई है। इनमें डेट को इक्विटी या प्रेफरेंस शेयर में बदलने का प्रावधान है, जिसका असर भविष्य में शेयर होल्डिंग पैटर्न पर पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अब सबकी नजरें AGM की वोटिंग नतीजों पर हैं। शेयरधारकों को इन फैसलों पर आधिकारिक मुहर का इंतजार है, जो तय करेगा कि कंपनी की वित्तीय दिशा और डाइल्यूशन का जोखिम किस ओर जा रहा है।
