TMT India Ltd ने अपनी 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) संपन्न की, जिसमें प्रिफरेंशियल शेयर जारी करने, अधिकृत कैपिटल बढ़ाने और कंपनी का नाम बदलने जैसे अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई। अब निवेशकों को आधिकारिक स्क्रूटिनाइजर रिपोर्ट का इंतजार है।
AGM के मुख्य प्रस्ताव
30 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई 49वीं AGM में कंपनी ने कई बड़े बदलावों का खाका पेश किया है। मैनेजिंग डायरेक्टर मितेश कोठारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में न केवल फाइनेंशियल अडॉप्शन, बल्कि स्ट्रक्चरल बदलावों पर भी जोर दिया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
कंपनी ने प्रमोटर्स और नॉन-प्रमोटर्स को प्रिफरेंशियल इक्विटी शेयर जारी करने का प्रस्ताव रखा है, जो कैपिटल को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके अलावा, बरोइंग लिमिट (उधारी सीमा) बढ़ाने और एसेट्स पर चार्ज क्रिएट करने की मांग यह संकेत देती है कि कंपनी भविष्य में ऑपरेशनल विस्तार या डेट रिस्ट्रक्चरिंग की योजना बना रही है।
नेतृत्व में बदलाव और रीब्रांडिंग
मीटिंग के दौरान मितेश कोठारी को चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में नियमित करने के अलावा, कई नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर भी चर्चा हुई, जिनमें शक्ति तिवारी, जिज्ञा राजीव शाह, राहुल विसारिया, दीपक गांधी और प्रदीप कुमार शामिल हैं। इसके साथ ही, कंपनी का नाम बदलने और रजिस्टर्ड ऑफिस शिफ्ट करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जो एक बड़े रीब्रांडिंग स्ट्रैटेजी की ओर इशारा करता है।
आगे क्या होगा?
अगले 2 वर्किंग दिनों में स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट सामने आएगी, जो इन प्रस्तावों पर मुहर लगाएगी। निवेशकों को सलाह है कि वे इस रिपोर्ट पर नजर रखें, क्योंकि इन प्रस्तावों की अस्वीकृति कंपनी के विस्तार के रोडमैप को प्रभावित कर सकती है।
