TIL Limited ने **3 अक्टूबर 2026** को अपनी राइट्स इश्यू कमेटी की बैठक बुलाई है। इस बैठक में उन शेयरों को जब्त (Forfeit) करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा, जिन पर निवेशकों ने **₹41.25** प्रति शेयर की बकाया राशि जमा नहीं की है।
क्या है पूरा मामला?
कंपनी अपने कैपिटल स्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए एक कड़ा कदम उठाने जा रही है। TIL Limited ने उन शेयरधारकों के खिलाफ यह निर्णय लिया है, जिन्होंने बार-बार रिमाइंडर मिलने के बावजूद 'फर्स्ट और फाइनल कॉल मनी' का भुगतान नहीं किया है।
तीन बार मिले थे मौके
कंपनी ने इन निवेशकों को बकाया राशि चुकाने के लिए कुल तीन बार नोटिस भेजे थे। इसकी शुरुआत 5 जून 2026 को जारी हुए कॉल नोटिस से हुई थी, जिसके बाद जुलाई और अगस्त में रिमाइंडर भेजे गए थे। आखिरी नोटिस 18 अगस्त 2026 को दिया गया था, जिसमें 'रिमाइंडर-कम-फॉरफीचर' की चेतावनी दी गई थी।
क्या है गणित?
राइट्स इश्यू के तहत ये शेयर ₹165 प्रति शेयर (फेस वैल्यू ₹10) पर जारी किए गए थे। कंपनी का मानना है कि अब कानूनी रूप से 'Companies Act, 2013' के तहत इन शेयरों को जब्त करना आवश्यक हो गया है ताकि पेड-अप शेयर कैपिटल को सही किया जा सके।
आगे क्या होगा?
3 अक्टूबर की बैठक के बाद कंपनी अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में यह साफ करेगी कि कुल कितने शेयरों को जब्त किया गया है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे कंपनी के आगामी डिस्क्लोजर पर नजर रखें, जिससे उनकी होल्डिंग और कंपनी के कुल इक्विटी बेस की स्थिति स्पष्ट हो सके।
