T T Limited के शेयरधारकों के लिए एक अहम अपडेट है। कंपनी का बोर्ड **16 नवंबर, 2026** को होने वाली बैठक में शेयर बायबैक (Share Buyback) के प्रस्ताव पर विचार करेगा। SEBI के नियमों के तहत, कंपनी ने अपने डेजिग्नेटेड पर्सन्स के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद कर दी है।
क्या है बायबैक का मतलब?
कंपनी ने एक्सचेंज को दी गई सूचना में साफ किया है कि 16 नवंबर, 2026 को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग होगी, जिसमें ₹1 फेस वैल्यू वाले फुली पेड-अप इक्विटी शेयरों के बायबैक पर चर्चा की जाएगी। यह फैसला 'कंपनी एक्ट 2013' और 'SEBI बाय-बैक रेगुलेशंस 2018' के दायरे में लिया जाएगा।
निवेशकों को क्यों रखनी चाहिए नजर?
शेयर बायबैक को आमतौर पर कंपनी के प्रति मैनेजमेंट के भरोसे के तौर पर देखा जाता है। जब कोई कंपनी मार्केट से अपने ही शेयर वापस खरीदती है, तो इससे मार्केट में शेयरों की संख्या कम होती है, जो 'अर्निंग पर शेयर' (EPS) को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। हालांकि, बायबैक की कीमत और कुल संख्या क्या होगी, इस पर अंतिम मुहर बोर्ड मीटिंग के बाद ही लगेगी।
ट्रेडिंग विंडो और नियम
SEBI के 'प्रोहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग' नियमों का पालन करते हुए, कंपनी ने 3 नवंबर, 2026 से ही ट्रेडिंग विंडो को लॉक कर दिया है। इसका मतलब है कि कंपनी के इनसाइडर्स या डेजिग्नेटेड पर्सन्स अब कोई ट्रेड नहीं कर पाएंगे। यह पाबंदी बोर्ड मीटिंग के फैसले के 48 घंटे बाद तक लागू रहेगी।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब बोर्ड मीटिंग के बाद BSE और NSE पर आने वाली आधिकारिक फाइलिंग का इंतजार करना चाहिए। उसी में यह साफ होगा कि बायबैक किस कीमत (Premium Price) पर होगा और कुल कितने शेयर वापस खरीदे जाएंगे।
