Swan Energy की 118वीं AGM में निवेशकों को डिविडेंड का फायदा मिला है, लेकिन कंपनी के एक अहम प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है।
डिविडेंड पर मुहर, पर मैनेजमेंट को झटका
हाल ही में संपन्न हुई Swan Energy की 118वीं सालाना आम बैठक (AGM) में कंपनी ने कुल 9 में से 8 प्रस्तावों को पास करा लिया है। कंपनी ने प्रति शेयर ₹0.15 के डिविडेंड (Dividend) का ऐलान किया है, जिससे निवेशकों को राहत मिली है। इसके अलावा, फाइनेंशियल स्टेटमेंट और डायरेक्टरों की पुनर्नियुक्ति जैसे सामान्य कामकाज भी सुचारू रूप से निपट गए।
क्यों फेल हुआ प्रस्ताव नंबर 9?
मीटिंग का सबसे चर्चित हिस्सा वह प्रस्ताव रहा जिसे शेयरधारकों का समर्थन नहीं मिल सका। कंपनी ने भाविक मर्चेंट, विवेक मर्चेंट और विनीता नमन पटेल को 'ऑफिस ऑफ प्रॉफिट' के तहत भुगतान करने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को बहुमत नहीं मिला, जो दर्शाता है कि कंपनी के भीतर संबंधित पार्टी या कार्यकारी मुआवजे को लेकर शेयरधारकों का मूड अब बदल रहा है।
क्या है आगे का गणित?
इस बैठक में कुल 52 शेयरधारकों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया, और कॉरपोरेट सदस्यों ने कंपनी की कुल इक्विटी कैपिटल का 53.93% वोट डाला। इस पूरे मतदान प्रक्रिया की निगरानी स्क्रूटिनइजर जिग्नेश एम. पांड्या ने की थी। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि मैनेजमेंट इस रिजेक्शन के बाद मुआवजे के ढांचे में क्या बदलाव लाता है या इसे लेकर क्या सफाई देता है।
