Surat Trade and Mercantile के Q2 नतीजे दमदार रहे हैं, जहाँ कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹0.27 करोड़** से बढ़कर **₹1.81 करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि, रेगुलेटरी नियमों के उल्लंघन के चलते कंपनी ने SEBI के साथ सेटलमेंट की प्रक्रिया शुरू की है, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का विश्लेषण
कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए हैं। Q2 FY27 में रेवेन्यू बढ़कर ₹51.66 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹16.67 करोड़ था। हालांकि, ऑपरेशनल ग्रोथ के बीच कैश फ्लो में आई गिरावट एक बड़ा रेड फ्लैग है। पिछले साल ₹17.08 करोड़ के सरप्लस के मुकाबले, इस बार छह महीने का ऑपरेटिंग कैश फ्लो गिरकर -₹25.67 करोड़ पर आ गया है।
रेगुलेटरी संकट की सच्चाई
मुनाफे की चमक के बीच, कंपनी ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। कंपनी ने SEBI (LODR) रेगुलेशन 2015 के नियम 23 का उल्लंघन किया है। यह मामला एमडी (Managing Director) आलोक पी. शाह के साथ हुए ट्रांजैक्शंस से जुड़ा है, जिसके लिए पहले शेयरहोल्डर्स की मंजूरी नहीं ली गई थी।
आगे की राह
कंपनी ने 11 अगस्त 2026 को SEBI के पास वॉलंटरी सेटलमेंट एप्लीकेशन दाखिल की है। निवेशकों के लिए अब दो मुख्य बातें देखना जरूरी है: पहला, SEBI की तरफ से कोई वित्तीय जुर्माना या कठोर कार्रवाई का खतरा और दूसरा, कंपनी अपने गिरते ऑपरेटिंग कैश फ्लो को कैसे संभालती है।
