Suncare Traders ने रमेश सालवी को अपना नया होल-टाइम डायरेक्टर और CFO नियुक्त किया है, लेकिन कंपनी का कामकाज फिलहाल पूरी तरह बंद है। वर्किंग कैपिटल की कमी और **₹2 करोड़** के अनसुलझे निवेश पर ऑडिटर्स ने गंभीर चिंता जताई है।
कारोबार पर लगा ब्रेक
कंपनी ने अपनी 29वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) से पहले बड़ा मैनेजमेंट बदलाव किया है। रमेश सालवी को नया CFO बनाया गया है, जबकि हर्षद राठौड़ ने 21 जुलाई, 2026 को इस्तीफा दे दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि वर्किंग कैपिटल की भारी कमी के कारण फिलहाल कोई भी बिजनेस एक्टिविटी नहीं हो रही है।
ऑडिटर्स के गंभीर सवाल
कंपनी की वित्तीय सेहत पर सवाल उठ रहे हैं। ऑडिटर्स ने ₹2 करोड़ के उस निवेश पर आपत्ति जताई है जो 2021 में डिबेंचर्स में किया गया था। कंपनी इस निवेश के मूल दस्तावेज (Original Certificates) पेश करने में नाकाम रही है। इसके अलावा, कंपनी पर:
- इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति न करने का आरोप।
- SEBI (LODR) नियमों के तहत फाइनेंशियल रिजल्ट्स और मीटिंग नोटिस पब्लिश न करने की कोताही।
वित्तीय स्थिति का हाल
कंपनी का ग्रॉस इनकम FY 2025-26 में घटकर ₹2.52 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹5.35 करोड़ था। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹0.66 करोड़ दर्ज किया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
29 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM कंपनी के भविष्य के लिए बेहद अहम होगी। बिजनेस बंद होना और लगातार रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन निवेशकों के लिए एक बड़ा रिस्क सिग्नल है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक कंपनी अपने कामकाज को दोबारा शुरू करने का ठोस प्लान नहीं पेश करती, तब तक शेयर में भारी अनिश्चितता बनी रहेगी।
