Sun Retail Share: मुनाफे से घाटे में फिसली कंपनी, 46.98 करोड़ के वारंट जारी करने का ऐलान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Sun Retail Share: मुनाफे से घाटे में फिसली कंपनी, 46.98 करोड़ के वारंट जारी करने का ऐलान

Sun Retail Ltd के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में मुनाफे से निकलकर **0.16 करोड़ रुपये** के नेट लॉस में आ गई है। कंपनी ने वर्किंग कैपिटल जुटाने के लिए **46.98 करोड़ रुपये** के प्रेफरेंशियल वारंट जारी करने की घोषणा की है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और फंड जुटाने की योजना

Sun Retail ने अपनी 19वीं एनुअल रिपोर्ट में बताया कि कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के 40.02 करोड़ रुपये से गिरकर इस साल मात्र 7.14 करोड़ रुपये रह गया है। कंपनी के बोर्ड ने 46.98 करोड़ इक्विटी वारंट्स को 1 रुपये प्रति वारंट की कीमत पर जारी करने की मंजूरी दी है, जिसे 18 महीनों के भीतर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा।

ऑडिटर्स की कड़ी चेतावनी

कंपनी के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय ऑडिटर्स की रिपोर्ट है। वैधानिक ऑडिटर्स ने 'Qualified Opinion' जारी करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं:

  • अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में ऑडिट ट्रेल का अभाव।
  • MSMED एक्ट के तहत लेनदारों का वर्गीकरण न होना।
  • TDS बैलेंस का सही मिलान न हो पाना।
  • बिना किसी औपचारिक समझौते के 15.27 करोड़ रुपये के असुरक्षित लोन (Unsecured Loans) देना।

बोर्डरूम में बड़ा बदलाव

अगस्त 2026 में कंपनी ने मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर संजय पाटिल की नियुक्ति की है। साथ ही भरतभाई पटेल और ख्याति शाह को नए बोर्ड मेंबर्स के रूप में शामिल किया गया है। दूसरी ओर, पूर्व CFO और एक नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है।

निवेशकों के लिए जोखिम

निवेशकों को अब 30 सितंबर 2026 को होने वाली AGM का इंतजार है। इस बैठक में शेयरहोल्डर्स कंपनी से ऑडिटर्स द्वारा उठाई गई आपत्तियों और भविष्य की रणनीति पर जवाब मांग सकते हैं। कंपनी द्वारा इक्विटी डाइल्यूशन और बिना डॉक्यूमेंट वाले लोंस पर निर्भरता फाइनेंशियल स्टेबिलिटी के लिए बड़ा रिस्क है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.