Sun Granite Export Ltd ने अपनी चल रही कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत लेनदारों (Creditors) की लिस्ट जारी की है। कंपनी पर कुल **₹12.57 करोड़** के दावे स्वीकृत किए गए हैं, जबकि **₹8.44 करोड़** के दावे अभी भी वेरिफिकेशन के दायरे में हैं।
सामने आया लेनदारों का हिसाब
Sun Granite Export Ltd, जो 5 अगस्त 2026 से कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है, ने 13 अक्टूबर 2026 तक की लेनदारों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। यह खुलासा IBBI के नियमों के तहत अनिवार्य पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किया गया है।
देनदारियों का गणित
मौजूदा फाइलों के अनुसार, स्वीकृत कर्ज पूरी तरह से असुरक्षित फाइनेंशियल क्रेडिटर्स (Unsecured Financial Creditors) का है, जिनमें Minasi Suppliers Private Limited और BSR Finance & Constructions Ltd जैसी फर्में शामिल हैं। दूसरी ओर, ऑपरेशनल क्रेडिटर्स, जैसे कि Odisha Finance Department और अन्य स्टॉक एक्सचेंज संबंधी बकाया अभी भी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में हैं।
रेजोल्यूशन की कमान
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (Resolution Professional) रघुनाथ भंडारी कर रहे हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उनकी कोई सक्रिय वेबसाइट नहीं है, इसलिए सभी आधिकारिक अपडेट केवल स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए ही जारी किए जाएंगे।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अब सबकी नजरें रेजोल्यूशन प्लान के फाइनल होने पर टिकी हैं। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि भविष्य में कितने 'हेयरकट' (Haircut) लगते हैं और क्या ₹8.44 करोड़ के पेंडिंग दावों को मंजूरी मिलती है। कंपनी का भविष्य अब पुनर्गठन (Restructuring) या लिक्विडेशन की दिशा में आगे बढ़ेगा।
