Sumeet Industries के शेयरधारकों ने नॉन-प्रमोटर्स के लिए OCRPS को इक्विटी शेयरों में बदलने की मंजूरी दे दी है। **99.99%** वोटों के साथ पास हुए इस प्रस्ताव से कंपनी अपनी कैपिटल रिस्ट्रक्चरिंग की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है।
भारी बहुमत से मिला समर्थन
कंपनी ने हाल ही में हुई अपनी एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में इस बड़े बदलाव को मंजूरी दी है। इस दौरान कुल 462,308,464 वोट डाले गए, जिसमें से 99.999965% वोट प्रस्ताव के पक्ष में थे।
कंपनी की बैलेंस शीट पर क्या असर होगा?
इस फैसले का सीधा असर कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर पर पड़ेगा। प्रेफरेंस शेयर्स को इक्विटी में बदलने से कंपनी पर फिक्स्ड डिविडेंड का बोझ कम होगा। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि नए शेयर जारी होने से भविष्य में अर्निंग पर शेयर (EPS) में डाइल्यूशन (dilution) की संभावना बनी रहेगी। निवेशकों को अब कंपनी की अगली रेगुलेटरी फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए, जिसमें अलॉटमेंट की तारीख और शेयरहोल्डिंग पैटर्न में होने वाले बदलाव साफ होंगे।
गवर्नेंस और प्रक्रिया
पूरी वोटिंग प्रक्रिया को Dhirren R. Dave & Co. की देखरेख में पूरा किया गया। यह प्रक्रिया SEBI के (LODR) नियमों का सख्ती से पालन करते हुए संपन्न हुई है, जिसके लिए 17 अगस्त, 2026 की कट-ऑफ डेट निर्धारित की गई थी।
