Sterling Greenwoods ने FY26 के लिए निराशाजनक नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पूरी तरह से ठप है, जबकि नेट लॉस बढ़कर **₹1.24 करोड़** पहुंच गया है।
कारोबार में भारी सुस्ती
FY26 के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का रेवेन्यू ₹0.00 करोड़ रहा है, जो पिछले साल ₹1.18 करोड़ था। वहीं, कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के ₹0.88 करोड़ से बढ़कर ₹1.24 करोड़ पर पहुंच गया है, जो कंपनी के निष्क्रिय बिजनेस साइकिल को दर्शाता है।
ऑडिटर्स की कड़ी टिप्पणी
सांविधिक ऑडिटर्स ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए 'क्वालीफाइड ओपिनियन' जारी किया है। रिपोर्ट में ऑडिट ट्रेल में खामियां, रिसॉर्ट्स के एसेट वैल्यूएशन का सही आकलन न होना और कंपनी कानून की धारा 185 का उल्लंघन करते हुए सब्सिडियरी को बिना अनुमति लोन देने का गंभीर मामला सामने आया है।
गवर्नेंस और ऑपरेशंस पर संकट
कंपनी के बोर्ड की संरचना और मुख्य पदों पर नियुक्ति को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। गवर्नेंस में इन कमियों के चलते कंपनी की वास्तविक वित्तीय स्थिति पर गहरा संदेह बना हुआ है। प्रबंधन ने इसे मानवीय भूल बताते हुए कहा है कि वे इंटरनल कंट्रोल्स को सुधारने के लिए नई सॉफ्टवेयर तकनीक ला रहे हैं और निष्क्रिय संपत्तियों को लीज पर देकर रेवेन्यू शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
मौजूदा समय में कंपनी कई कानूनी विवादों में फंसी है। सितंबर 2023 का NCLT ऑर्डर अभी भी एक अनिश्चित वित्तीय देनदारी के रूप में बना हुआ है। जब तक कंपनी अपनी जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवादों को सुलझा नहीं लेती और ऑपरेशंस फिर से शुरू नहीं करती, तब तक शेयर में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
