Starlite Components FY26 रिपोर्ट: मुनाफे पर भारी संकट, NCLT की मंजूरी का है इंतजार

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AuthorAditya Rao|Published at:
Starlite Components FY26 रिपोर्ट: मुनाफे पर भारी संकट, NCLT की मंजूरी का है इंतजार

Starlite Components Ltd की FY 2025-26 की एनुअल रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कंपनी को **₹0.07 करोड़** का नेट लॉस हुआ है और रेवेन्यू गिरकर **₹1.86 करोड़** रह गया है। कंपनी अभी भी अपने इन्सॉल्वेंसी प्रोसेस से उबरने की कोशिश कर रही है और रि-लिस्टिंग के लिए NCLT की मंजूरी का इंतजार है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में गिरावट

कंपनी की एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल के ₹4.75 करोड़ के मुकाबले इस बार ऑपरेशन से रेवेन्यू गिरकर सिर्फ ₹1.86 करोड़ रह गया है। वहीं, नेट लॉस भी पिछले साल के ₹0.06 करोड़ से बढ़कर ₹0.07 करोड़ पर पहुंच गया है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी फिलहाल बहुत ही नाजुक दौर से गुजर रही है।

NCLT और रि-लिस्टिंग का पेंच

कंपनी अभी 'Corporate Insolvency Resolution Process' (CIRP) के बाद के ट्रांजिशन फेज में है। हालांकि मार्च 2024 में रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी मिल गई थी, लेकिन अब SEBI की 'Minimum Public Shareholding' शर्तों को पूरा करने के लिए कंपनी को NCLT से अपने प्लान में बदलाव की अनुमति लेनी होगी। यही प्रक्रिया कंपनी की रि-लिस्टिंग के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

ऑडिट और गवर्नेंस के खतरे

ऑडिटर्स M/S. Sharp Aarth & Co LLP ने कंपनी के 'Going Concern' (कंपनी के चालू रहने) पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा, इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल में भारी कमियां पाई गई हैं। कंपनी के पास जरूरी स्टेट्यूटरी रिकॉर्ड्स और मिनिट बुक्स का अभाव है, जिससे पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

निवेशकों के लिए जोखिम

कंपनी ने Ambernath Municipal Corporation के खिलाफ बकाया राशि वसूलने के लिए आर्बिट्रेशन शुरू किया है, जिसका नतीजा अभी अनिश्चित है। साथ ही, वेबसाइट डिस्क्लोजर और स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) नियमों का पालन न करने के कारण कंपनी पहले से ही रडार पर है। अब निवेशकों की नजरें NCLT की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जो कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.