Starbeam Ventures: रेवेन्यू में भारी उछाल लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर सवाल, निवेशकों के लिए क्या हैं खतरे?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Starbeam Ventures: रेवेन्यू में भारी उछाल लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर सवाल, निवेशकों के लिए क्या हैं खतरे?

Starbeam Ventures ने FY26 में **₹1,200.71 लाख** का शानदार रेवेन्यू दर्ज किया है, लेकिन कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹184.96 लाख** पर लगभग स्थिर रहा। सबसे बड़ी चिंता कंपनी के ऑडिटर्स द्वारा उठाए गए सवाल हैं, जिनमें NBFC रजिस्ट्रेशन में चूक और लोन डॉक्यूमेंटेशन की कमी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र

कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में अपनी टॉप-लाइन में जबरदस्त बढ़ोतरी दिखाई है। जहां पिछले साल यानी FY25 में रेवेन्यू ₹236.21 लाख था, वहीं इस बार यह बढ़कर ₹1,200.71 लाख पर पहुंच गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट के मोर्चे पर कंपनी सुस्त रही है और यह ₹184.96 लाख पर रहा, जो पिछले साल के ₹182.14 लाख के मुकाबले मामूली ही है।

ऑडिटर्स की 'क्वॉलिफाइड ओपिनियन' से बढ़ी मुश्किलें

कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर, M/s SDPM & Co. ने फाइनेंशियल नतीजों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मुख्य चिंताओं में शामिल हैं:

  • NBFC रजिस्ट्रेशन: कंपनी ने क्राइटेरिया पूरा करने के बावजूद NBFC के रूप में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
  • लोन डॉक्यूमेंटेशन: अनसिक्योर्ड लोन्स के लिए कंपनी उचित दस्तावेज पेश नहीं कर पाई है।
  • कंपनीज एक्ट का उल्लंघन: पब्लिक डिपॉजिट से जुड़े सेक्शन 73 का उल्लंघन किया गया है।
  • प्रोविजनिंग: पुराने ट्रेड रिसीवेबल्स के लिए पर्याप्त प्रोविजनिंग नहीं की गई है।

साथ ही, BSE की ओर से समय पर फाइनेंशियल फाइलिंग न करने के चलते कंपनी पर ₹1.71 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।

कंपनी का नाम और कामकाज में बड़ा बदलाव

मई 2026 में Bluegod Entertainment से बदलकर Starbeam Ventures हुई इस कंपनी ने अपना दायरा काफी बढ़ा लिया है। अब कंपनी कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर, हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस जैसे अलग-अलग सेक्टर में काम कर रही है। कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट और दो बार राइट्स इश्यू के जरिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया भी पूरी की है।

आगे क्या होगा?

मैनेजमेंट ने NBFC नियमों के अनुपालन के लिए एसेट प्रोफाइल को री-अलाइन करने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा, कंपनी Omega Interactive Technologies के साथ ₹12 करोड़ के असाइनमेंट डील और अपनी आगामी फिल्म 'जीवन बीमा योजना' पर फोकस कर रही है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी के रेगुलेटरी रिस्पॉन्स और RBI के नियमों के अनुपालन पर बारीकी से नजर रखें, क्योंकि अधूरे डॉक्यूमेंट्स और कानूनी जटिलताएं भविष्य में बड़ी पेनल्टी का कारण बन सकती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.