Star Cement के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार के नए नियमों के बाद कंपनी को अब मेघालय में शेल (shale) और चूना पत्थर (limestone) पर मिनरल सेस नहीं देना होगा, जिससे कंपनी की लागत में कमी आएगी।
लागत में बड़ी कटौती
केंद्र सरकार द्वारा 'माइंस एंड मिनरल्स अमेंडमेंट एक्ट, 2026' में किए गए बदलावों के बाद Star Cement के लिए राहत का रास्ता साफ हो गया है। पहले कंपनी को मेघालय में शेल पर ₹25 प्रति टन और चूना पत्थर पर ₹60 प्रति टन का मिनरल सेस देना पड़ता था। अब इस अतिरिक्त बोझ से कंपनी को छुटकारा मिल गया है।
आंकड़ों में समझें असर
यह फैसला कंपनी के लिए फाइनेंशियल तौर पर काफी अहम है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY26) में कंपनी ने इसके लिए ₹35.50 करोड़ का भुगतान किया था। वहीं, चालू फाइनेंशियल ईयर (FY27) में 22 अगस्त, 2026 तक कंपनी पहले ही ₹10.15 करोड़ भर चुकी है। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि पहले चुकाया गया सेस वापस नहीं होगा, लेकिन भविष्य में होने वाली यह बचत कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन को मजबूती देगी।
आगे की राह
भले ही यह सीधा कॉस्ट बेनिफिट है, लेकिन निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या राज्य सरकारें इसे लेकर कोई और चार्ज तो नहीं लगातीं। अब निवेशकों की नजर आने वाले क्वार्टरली नतीजों पर रहेगी, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बचत का असर कंपनी के EBITDA मार्जिन पर कितना पड़ता है और मैनेजमेंट इस कैश का इस्तेमाल कैसे करता है।
