Standard Industries ने सितंबर तिमाही के नतीजों में घाटे को कम करने में कामयाबी पाई है। कंपनी का नेट लॉस घटकर **₹5.87 करोड़** रह गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह **₹6.65 करोड़** था।
नतीजों का हाल
कंपनी ने सितंबर तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹7.73 करोड़ पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹6.38 करोड़ था। हालांकि ऑपरेशनल रेवेन्यू में सुधार जरूर दिखा है, लेकिन कंपनी अभी भी स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड स्तर पर नुकसान में है।
क्यों है चिंता की बात?
घाटा कम होने के बावजूद, कंपनी के ऊपर एक बड़ी कानूनी तलवार लटकी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद कंपनी ने पुराने कैप्टिव पावर प्लांट से जुड़े इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के मद में ₹13.76 करोड़ का प्रोविजन (Provision) रखा है। अगस्त 2026 में इस मामले को लेकर कंपनी ने एक रिव्यू पिटीशन भी फाइल की है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
रियल एस्टेट से बड़ी उम्मीद
निवेशकों की नजरें मुंबई स्थित 'Stanrose Apartment' प्रोजेक्ट पर टिकी हैं। मई 2026 में हुए असाइनमेंट डील की वैल्यू करीब ₹169.51 करोड़ आंकी गई है। इस डील के जरिए कंपनी को किस्तों में पेमेंट के अलावा 4 फ्लैट्स और 16 कार पार्किंग स्पेस मिलेंगे, जिसे एक बड़े वैल्यू अनलॉकिंग के तौर पर देखा जा रहा है।
अब बाजार की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी कानूनी विवादों से कैसे बाहर निकलती है और अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से आगे बढ़ाती है।
