NCLT की अहमदाबाद बेंच ने Spright Agro Ltd के खिलाफ इन्सॉल्वेंसी याचिका को मंजूरी दे दी है। **₹8.66 करोड़** के कर्ज न चुका पाने के कारण कंपनी अब कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजरेगी।
मामला क्या है?
Agrirevolve Trading Private Limited द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए, NCLT ने यह बड़ा आदेश दिया है। कंपनी पर ₹8.66 करोड़ के बकाया कर्ज का भुगतान न करने का आरोप है, जिसके बाद IBC, 2016 की धारा 9 के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अब क्या बदलेगा?
इस आदेश के साथ ही Spright Agro के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी का पूरा कंट्रोल अब इंटरिम रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP), मिस्टर राजेश जस्ती के हाथों में है। कंपनी की सभी रणनीतिक और फाइनेंशियल फैसलों पर अब प्रमोटर्स का कोई अधिकार नहीं रह गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया शुरू होने का सीधा मतलब है कि कंपनी भारी फाइनेंशियल दबाव में है। अब IRP यह तय करेंगे कि क्या कंपनी को रिवाइव (Revive) किया जा सकता है या फिर इसे लिक्विडेशन (Liquidation) की ओर ले जाना होगा। शेयरधारकों के लिए वैल्यू में भारी गिरावट का जोखिम बना हुआ है, इसलिए अब सबकी नजर IRP द्वारा जारी किए जाने वाले अगले आधिकारिक नोटिस और क्लेम प्रोसेस पर टिकी है।
