Skyline Ventures India Ltd भारी कानूनी और ऑपरेशनल संकट से गुजर रही है। बैंक अकाउंट्स काम न करने के कारण कंपनी अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी नहीं कर पा रही है। कंपनी फिलहाल NCLT और दिवालियापन (insolvency) की कानूनी कार्यवाही का सामना कर रही है।
संकट में कंपनी का कामकाज
Skyline Ventures India Limited के हालिया बोर्ड मीटिंग के नतीजों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी का कामकाज लगभग रुक गया है क्योंकि बैंक अकाउंट्स ऑपरेट नहीं हो पा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह मार्च 2025 में हुई नियुक्तियों का डेटा Registrar of Companies (ROC) के पास अपडेट न होना है। इस तकनीकी खामी के चलते कंपनी पिछले 2 फाइनेंशियल ईयर और कई तिमाहियों के फाइनेंशियल रिजल्ट्स फाइल नहीं कर पाई है।
AGM के लिए समय की मांग
कंपनी ने अब अपनी 38वीं AGM को 31 दिसंबर, 2026 तक टालने की अनुमति मांगी है, ताकि MCA मास्टर डेटा की विसंगतियों को ठीक किया जा सके। बिना अपडेटेड रिकॉर्ड्स और सक्रिय बैंक अकाउंट्स के, कंपनी के लिए नियमित कामकाज करना फिलहाल नामुमकिन हो गया है।
कानूनी चुनौतियां
कंपनी पर कई कानूनी तलवारें लटक रही हैं:
- NCLT, हैदराबाद में शेयरहोल्डर पिटीशन (CP No. 53/241/HBD/2025) लंबित है।
- Raj Breeders and Hatcheries Pvt. Ltd. द्वारा एक इनसॉल्वेंसी पिटीशन दायर की गई है, हालांकि अभी तक कोई CIRP प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
- Telangana हाई कोर्ट में भी रेगुलेटरी फाइलिंग्स को लेकर मामला चल रहा है।
निवेशकों के लिए अहम तारीख
निवेशकों को 6 अक्टूबर, 2026 पर नजर रखनी चाहिए। इस दिन NCLT पिटीशन और इनसॉल्वेंसी केस दोनों की सुनवाई होनी है। कंपनी का भविष्य अब इस बात पर टिका है कि वह कितनी जल्दी MCA डेटा की दिक्कतों को सुलझाकर बैंक अकाउंट्स का एक्सेस वापस हासिल करती है।
