Siti Networks: कर्ज के जाल में फंसी कंपनी, लगातार डिफॉल्ट और NCLT की कार्यवाही से बढ़ी मुश्किल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Siti Networks: कर्ज के जाल में फंसी कंपनी, लगातार डिफॉल्ट और NCLT की कार्यवाही से बढ़ी मुश्किल

Siti Networks Ltd ने ब्याज और मूलधन के भुगतान में लगातार हो रहे डिफॉल्ट की पुष्टि की है। कंपनी फिलहाल NCLT के तहत दिवाला प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

कर्ज का गहरा संकट

Siti Networks ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि 31 जुलाई, 2026 तक कंपनी ब्याज और मूलधन का भुगतान करने में विफल रही है। ये डिफॉल्ट 30 दिनों से अधिक समय से जारी हैं। कंपनी के खिलाफ 22 फरवरी, 2023 को मुंबई NCLT द्वारा शुरू की गई कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) अभी भी जारी है।

कंट्रोल किसके पास है?

कंपनी का बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स अब सस्पेंडेड है। कंपनी का पूरा कंट्रोल अब अंतरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP), रोहित मेहरा के हाथों में है। अगस्त 2023 तक के आंकड़ों के अनुसार, फाइनेंशियल क्रेडिटर्स के कुल दावे ₹1,206.03 करोड़ तक पहुंच चुके हैं। इस लिस्ट में ARCIL, Axis Bank और IDBI Bank जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं, जो कंपनी की फाइनेंशियल हालत को और भी पेचीदा बनाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का कानूनी पेंच

फिलहाल इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ा रोड़ा सुप्रीम कोर्ट का 'स्टे ऑर्डर' है। इस आदेश के कारण फाइनेंशियल क्रेडिटर्स फंड का बंटवारा नहीं कर पा रहे हैं और ऑपरेशनल क्रेडिटर्स का भुगतान भी रुका हुआ है। कंपनी की भविष्य की राह पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं के फैसले पर टिकी है। जब तक अदालती कार्यवाही का कोई निष्कर्ष नहीं निकलता, तब तक कंपनी के कर्ज समाधान (Debt Resolution) की प्रक्रिया पूरी तरह फ्रीज रहेगी।

निवेशकों के लिए चेतावनी

कंपनी फिलहाल एक तरह की 'सस्पेंडेड स्थिति' में है। जब तक कानूनी डेडलॉक खत्म नहीं होता, तब तक रिकवरी की कोई भी उम्मीद करना मुश्किल है। निवेशकों को सलाह है कि वे सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और कोर्ट के निर्देशों पर कड़ी नजर रखें, क्योंकि यही कंपनी के भविष्य के लिए गेम चेंजर साबित होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.