दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही Simbhaoli Sugars ने रेजोल्यूशन प्लान जमा करने की समयसीमा को **21 नवंबर, 2026** तक बढ़ा दिया है। कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) ने अपनी 5वीं बैठक में यह फैसला लिया है।
क्या है पूरा मामला?
Simbhaoli Sugars लिमिटेड इस वक्त कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दौर से गुजर रही है। हाल ही में कंपनी की 5वीं कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की बैठक 4 नवंबर, 2026 को संपन्न हुई। इस मीटिंग में मुख्य फैसला रेजोल्यूशन प्लान सबमिट करने की डेडलाइन को 5 नवंबर, 2026 से बढ़ाकर 21 नवंबर, 2026 करने का लिया गया है। इस कदम का मकसद संभावित बोलीदाताओं को कंपनी के रिवाइवल के लिए बेहतर प्रपोजल तैयार करने का अतिरिक्त समय देना है।
निवेशकों के लिए अनिश्चितता
समयसीमा का बढ़ना यह साफ इशारा करता है कि इनसॉल्वेंसी की प्रक्रिया उम्मीद से अधिक लंबी खिंच रही है। वर्तमान में कंपनी का बोर्ड सस्पेंड है और सभी अहम फैसले अंतरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP), अनुराग गोयल द्वारा लिए जा रहे हैं। कंपनी की फ्यूचर कैपिटल स्ट्रक्चर और ओनरशिप का फैसला इन्हीं वार्ताओं पर निर्भर करेगा, जिससे शेयरहोल्डर्स के लिए फिलहाल अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
कोर्ट केस और आगे का रास्ता
कंपनी 11 जुलाई, 2024 से इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत काम कर रही है। मौजूदा समय में कंपनी के सामने 'केन एलोकेशन' (गन्ना आवंटन) से जुड़े कानूनी पेंच भी फंसे हुए हैं, जिसकी सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे 21 नवंबर के बाद होने वाली एक्सचेंज फाइलिंग्स पर बारीक नजर रखें, क्योंकि यही कंपनी की ऑपरेशनल वायबिलिटी तय करेंगे।
